चंपाई सोरेन ने छात्र आंदोलन की जीत को बताया ‘आधी-अधूरी’

पूर्व सीएम चम्पाई सोरेन ने झारखंड छात्र आंदोलन की जीत को अधूरा बताया. उन्होंने छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने और सीबीआई जांच की मांग की है।

सरायकेला. पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने बयान जारी कर कहा कि तेज बारिश, सरकार की बेरुखी, लाठीचार्ज और धरना स्थल पर मूलभूत सुविधाओं की कमी के बावजूद झारखंड के युवाओं ने जिस अनुशासित ढंग से आंदोलन चलाया, वह वाकयी काबिले तारिफ है.

छात्रों के कठिन संघर्ष के सामने झुकी सरकार

चंपाई सोरेन ने कहा कि छात्रों के कठिन संघर्ष के सामने राज्य सरकार झुकी है, लेकिन यह जीत अभी आधी-अधूरी है. सरकार ने आंदोलन के दौरान छात्रों के संघर्ष को झूठा साबित करने, उनमें फूट डालने, मुद्दे से भटकाने और आंदोलन को कुचलने की पुरजोर कोशिश की.

आंदोलनकारी छात्रों पर दर्ज सभी मुकदमे तत्काल वापस : चंपाई

पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने X पर ट्वीट करते हुए कहा कि आंदोलनकारी छात्रों पर दर्ज सभी मुकदमे तत्काल वापस लिए जाने चाहिए. साथ ही राज्य के युवाओं के भविष्य से जुड़े इस मामले में निष्पक्ष सीबीआई जांच की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि यदि जांच नहीं हुई, तो आने वाली पीढ़ियों को भी इसी पीड़ा से गुजरना पड़ सकता है.

उन्होंने आंदोलन के पहले चरण की जीत पर सभी आंदोलनकारी छात्रों को हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं.


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लेखक के बारे में

By शचिंद्र कुमार दाश

शचिंद्र कुमार दाश प्रभात खबर के वरीय संवाददाता हैं और हिंदी पत्रकारिता में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखते हैं। वे झारखंड और ओडिशा की राजनीति, प्रशासन, ग्रामीण विकास, सामाजिक सरोकार, कानून-व्यवस्था तथा जनहित से जुड़े मुद्दों की रिपोर्टिंग करते हैं। इसके साथ ही कला, भाषा, संस्कृति, आध्यात्म और समसामयिक विषयों पर लेखन में उनकी विशेष रुचि है। नई जानकारियां जुटाना और उन्हें प्रमाणिक तथ्यों के साथ पाठकों तक पहुंचाना उनकी कार्यशैली की प्रमुख विशेषता है। उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, शिक्षा, खेल, पर्यावरण, साहित्य, संस्कृति से जुड़े विषयों को समेटती है। शचिंद्र कुमार दाश ग्राउंड रिपोर्टिंग पर विशेष जोर देते हैं। वे घटनास्थल पर पहुंचकर तथ्यों के आधार पर समाचार प्रस्तुत करने तथा आम लोगों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का प्रयास करते हैं।

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