ऑनलाइन होगा खादी उत्पाद 3000 को मिलेगा स्वरोजगार

आमदा व राजनगर में खादी पार्क बन कर तैयार, उदघाटन 15 को खरसावां : खरसावां के आमदा में तीन करोड़ व राजनगर में दो करोड़ की लागत से खादी पार्क बन कर तैयार है. दोनों पार्क का उदघाटन 15 मई को होगा. पार्क निर्माण के संवेदक बीएसएनएल को सप्ताहभर में बोर्ड को हस्तांतरित करने का […]

आमदा व राजनगर में खादी पार्क बन कर तैयार, उदघाटन 15 को

खरसावां : खरसावां के आमदा में तीन करोड़ व राजनगर में दो करोड़ की लागत से खादी पार्क बन कर तैयार है. दोनों पार्क का उदघाटन 15 मई को होगा. पार्क निर्माण के संवेदक बीएसएनएल को सप्ताहभर में बोर्ड को हस्तांतरित करने का निर्देश दिया गया है. आमदा के खादी पार्क में पूरा फोकस कपड़ों के उत्पादन पर है. खादी पार्क में तसर कोसा से सूत कताई से लेकर कपड़ों की बुनाई, डिजाइनिंग व फिनीसिंग का कार्य होगा. शुरुआत में करीब तीन हजार लोगों को स्वरोजगार मिलेगा.
खादी कपड़ों की होगी ब्रांडिंग : खादी पार्क में तैयार कपड़ों की ब्रांडिंग के लिए उनकी चरणबद्ध तरीके से प्रदर्शनी लगायी जायेगी. पूरी तरह से कंप्यूटराइज्ड इस खादी पार्क में ग्रामीण महिलाअों को तसर कोसा से सुत कताई तथा बुनाई का प्रशिक्षण दिया जायेगा. साथ ही यह पार्क गांधी दर्शन का भी केंद्र बनेगा. राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा भी स्थापित की गयी है. साथ ही उनसे जुड़े तसवीरों की प्रदर्शनी लगायी जायेगी. इसे लेकर एचडीएफसी बैंक ने भी अपनी वेबसाइट पर खादी का विज्ञापन दिया है.
एचडीएफसी के क्रेडिट या डेबिट कार्ड से खादी की खरीदारी पर मिलेगी छूट
खादी बोर्ड ने बढ़ाया बुनकरों का मेहनताना
खादी बोर्ड के सलाहकार धीरेंद्र कुमार ने बताया कि खादी बोर्ड की 18 संस्थाओं को 86 लाख रुपये दिये गये हैं. इससे संस्था का काम आगे बढ़ेगा. बुनकरों का मेहनताना भी बढ़ा दिया गया है. पहले साढ़े 11 मीटर थान बनाने का की मजदूरी 176 रुपये थी. अब 287 रुपये कर दी गयी है. इसी तरह सिल्क का रेट भी चार सौ रुपये कर दिया गया है. हर महीने 40 से 50 लाख की बिक्री हो रही है.
ऑनलाइन मिलेंगे खादी के उत्पाद : संजय सेठ
झारखंड राज्य खादी बोर्ड एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष संजय सेठ ने बताया कि 15 मई को आमदा एवं राजनगर के खादी पार्क का उदघाटन कर दिया जायेगा. उत्पाद अब ऑनलाइन मिलेंगे. इसकी व्यवस्था एक महीने के अंदर कर ली जायेगी. बोर्ड डिजिटल की ओर कदम बढ़ा चुका है. अब सारे उत्पाद ऑनलाइन भी उपलब्ध होंगे. खादी के उत्पाद की बार कोडिंग भी कर दी गयी है. इससे पारदर्शिता बढ़ेगी. बोर्ड ने रिंकल फ्री फैब्रिक एवं उत्पाद का शुभारंभ कर दिया है. खादी के सभी बिक्री केंद्र कंप्यूटराइज्ड हो गए हैं. एक माह के अंदर सभी प्रोडक्शन यूनिट भी कंप्यूटराइज्ड हो जायेंगे.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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