प्रभु जगन्नाथ, बलभद्र व सुभद्रा को पिलाई गयी दशमूली दवा

11 केएसएन 10 : हरिभंजा का जगन्नाथ मंदिरसंवाददाताखरसावां : श्री मंदिर के गर्भ गृह में उपचाररत प्रभु जगन्नाथ, उनके बड़ा भाई बलभद्र व बहन सुभद्रा को दशमूली दवा पिलायी गयी. दवा पीने के बाद प्रभु जगन्नाथ के स्वास्थ्य में सुधार भी होने लगी है. जी हां खरसावां व सरायकेला के जगन्नाथ मंदिरों में दशमी के […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | July 11, 2015 9:04 PM

11 केएसएन 10 : हरिभंजा का जगन्नाथ मंदिरसंवाददाताखरसावां : श्री मंदिर के गर्भ गृह में उपचाररत प्रभु जगन्नाथ, उनके बड़ा भाई बलभद्र व बहन सुभद्रा को दशमूली दवा पिलायी गयी. दवा पीने के बाद प्रभु जगन्नाथ के स्वास्थ्य में सुधार भी होने लगी है. जी हां खरसावां व सरायकेला के जगन्नाथ मंदिरों में दशमी के मौके पर शनिवार को इस रश्म को पूरा किया गया. मान्यता है कि विगत पवित्र देवस्नान पूर्णिमा (दो जून) के मौके पर अत्याधिक स्नान करने से प्रभु जगन्नाथ, बलभद्र व सुभद्रा बीमार हो जाते है तथा मंदिर के गर्भ गृह में उनका उपचार होता है. इस दौरान वे किसी को भी दर्शन नहीं देते है. मंदिर के पुजारी उन्हें कड़वी दशमूला दवा पिलाते है और दवा पीने के बाद तीनों ही देवी-देवताओं के स्वास्थ्य में सुधार होता है और नेत्र उत्सव (16 जुलाई) के दिन वे भक्तों को दर्शन देते है. सदियों से चली आ रही इस परंपरा को खरसावां, हरिभंजा व सरायकेला के जगन्नाथ मंदिरों में निभाया जाता है. इस बार भी सभी रश्मों को निभाया जा रहा है. शनिवार 11 जुलाई को दशमी के दिन प्रभु जगन्नाथ, उनके बड़ा भाई बलभद्र व बहन सुभद्रा को दस अलग अलग जड़ी बुटी से तैयार दवा पिलायी गयी. इसके पश्चात प्रभु जगन्नाथ स्वास्थ्य हो कर 16 जुलाई को नेत्र उत्सव के मौके पर भक्तों को दर्शन देंगे. 17 जुलाई को प्रभु के नव यौवन रुप के दर्शन होंगे. नव यौवन रुप के दर्शन के दौरान प्रभु का भव्य श्रंृगार किया जायेगा. इसके पश्चात 18 जुलाई प्रभु जगन्नाथ, बलभद्र व सुभद्रा विश्राम करने के लिये अपने मौसी के घर जायेंगे. 26 जुलाई को प्रभु जगन्नाथ की मौसी के घर से श्री मंदिर के लिए बाहुड़ा यात्रा निकलेगी.