Seraikela Kharsawan News : 320 फीट ऊंची पहाड़ी पर नंगे पांव चढ़ पूजा करेंगे श्रद्धालु

सुबह 6 बजे से देर शाम तक पूजा होगी, मुख्य गेट से चढ़ाई तक सीढ़ियों के रंग-रोगन व वॉलंटियर की व्यवस्था होगी

खरसावां. खरसावां में प्राचीन परंपराओं, सामाजिक मान्यताओं और पुराने रीति-रिवाजों का महत्व आज भी जीवित है. मकर संक्रांति के दूसरे दिन (15 जनवरी) शक्ति पीठ मां आकर्षणी के दरबार में वार्षिक आखान पूजा का आयोजन किया जाता है. इस पूजा में कोल्हान के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल होते हैं. मां आकर्षणी के पीठ पर भूमिज समाज के पुजारी (दियुरी) मां की पूजा-अर्चना करते हैं. पूजा पारंपरिक रस्मों के अनुसार संपन्न होती है और क्षेत्र के लोगों की आस्था से जुड़ी हुई है. प्रखंड मुख्यालय खरसावां से करीब तीन किलोमीटर दूर, 320 फीट ऊंची पहाड़ी की चोटी पर मां आकर्षणी का पीठ स्थित है. यहां विशालकाय चट्टान नुमा पत्थर पर माता की पूजा की जाती है.

सुबह छह बजे से शुरू होगी पूजा:

इस वर्ष भी पूजा की तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं. सुबह छह बजे से लेकर देर शाम तक मां आकर्षणी के पीठ पर पूजा-अर्चना आयोजित की जायेगी. मुख्य गेट से पहाड़ी तक चढ़ने के लिए सीढ़ियों की रंग-रोगन की गयी है. समिति की ओर से वालंटियर तैनात किये गये हैं और पहाड़ी के नीचे कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है. मेला में सुरक्षा व्यवस्था के लिए पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बल की तैनाती की गयी है. श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए समिति की ओर से स्टॉल लगाये जायेंगे. आखान यात्रा के दौरान आकर्षणी मैदान में विभिन्न सामाजिक संगठनों की ओर से भी श्रद्धालुओं की सहायता की जायेगी.

अश्वमेध यज्ञ जैसा महत्व रखती है आखान यात्रा:

क्षेत्र में प्रचलित किंवदंती के अनुसार, आखान यात्रा का महत्व यज्ञों में अश्वमेध, पर्वतों में हिमालय, व्रतों में सत्य और दानों में अभयदान के समान है. श्रद्धालु इस दिन माता के पीठ पर पूजा-अर्चना कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं. मान्यता है कि पहाड़ी पर खाली पांव चढ़कर सच्चे हृदय से मांगी गयी मुरादें पूरी होती हैं. कोल्हान के विभिन्न क्षेत्रों से भी लोग इस अवसर पर मां आकर्षणी के पीठ पर पहुंचते हैं.

– मां आकर्षणी के पीठ पर श्रद्धालु साल भर आते रहते हैं, लेकिन मकर संक्रांति के अगले दिन आयोजित आखान यात्रा सबसे महत्वपूर्ण पूजा है. सच्चे दिल से मांगी गयी मुरादें पूर्ण होती हैं. सुबह से शाम तक पूजा होगी. –

नारायण सरदार

, मुख्य पुजारी (दियुरी)

– श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो और वे सुगमता से माता के पीठ पर पहुंचकर पूजा कर सकें, इसकी पूरी व्यवस्था की जा रही है. विभिन्न संस्थाओं द्वारा शिविर भी लगाये जायेंगे. आपसी समन्वय से आखान यात्रा सफल बनायेंगे. –

रामजी सिंहदेव

, सचिव, मां आकर्षणी पूजा व मेला समिति

– आखान यात्रा के दौरान ट्रस्ट की ओर से शिविर लगाकर 10 हजार श्रद्धालुओं को नि:शुल्क जलपान कराया जायेगा. यहां आने वाले श्रद्धालुओं की सेवा में ट्रस्ट के सदस्य तत्पर रहेंगे. –

प्रभाकर मंडल

, सचिव, मां आकर्षणी विकास समिति ट्रस्ट

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Published by: Atul pathak

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