नीमडीह : स्वर्णरेखा बहुदेशीय परियोजना के तहत किसानों की सुविधा के लिए मुख्य एवं शाखा केनाल का निर्माण कराया गया है, परंतु शाखा केनाल निर्माण में किस तरह की लापरवाही हुई है.
इसका जीता जागता उदाहरण चांडिल प्रखंड के भादुडीह गांव से गुजरने वाली केनाल का हाल देखने से पता चलता है. साल भर पहले बीचो-बीच टूट कर केनाल पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका है. साल भर से ग्रामीणों के खेतों की सिंचाई न हो पाने के कारण ग्रामीणों में आक्रोश है.
ग्रामीणों का कहना है कि इस क्षेत्र के हरूडीह, धतकीडीह व भादुडीह गांव के हजारों किसान अपनी आजीविका खेती-बाड़ी से चला रहे हैं. साल भर से पानी खेतों तक न पहुंचने से लगभग 100 एकड़ जमीन प्रभावित है, परंतु सरकार की ओर से किसानों को कोई खास महत्व नहीं दिया जा रहा है. इस मौसम में किसान गेहूं, सरसों, आलू, प्याज व गोभी की खेती जोर-शोर से कर रहे हैं, लेकिन हम अभी तक खेतों में हल भी नहीं जोत पाये हैं.
ग्रामीण अपने स्तर से चंदा कर केनाल की मरम्मत करवा रहे हैं. इस मौके पर मुख्य रूप से कृष्ण चंद्र महतो, लखीकांत महतो, सोनाराम बेसरा, कृष्णा महतो आदि ग्रामीण मौजूद थे.
