सरायकेला से शचिंद्र कुमार दाश की रिपोर्ट
Saraikela Kharsawan News: सुंडी मंडल समाज ने बंगाल की मिसाल को ध्यान में रखते हुए झारखंड में भी सुंडी जाति को अनुसूचित जाति (Scheduled Caste) की श्रेणी में शामिल करने की जोरदार मांग की. यह मांग सरायकेला-खरसावां जिले के खरसावां स्थित आकर्षणी गेस्ट हाउस में आयोजित समाज के वार्षिक मिलन समारोह के दौरान उठाई गई. इस अवसर पर झारखंड की हेमंत सरकार से अपील की गई कि समाज की इस मांग को शीघ्र पूरा किया जाए. साथ ही, विधान सभा में इस मुद्दे को उठाने के लिए विधायक जयराम महतो के प्रति समाज ने आभार व्यक्त किया और कई सामाजिक मुद्दों पर विचार-विमर्श भी किया गया.
बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर
मांगी लाल मंडल की अध्यक्षता में आयोजित सुंडी मंडल समाज की वार्षिक बैठक सह मिलन समारोह में सामाजिक पहलुओं पर विचार विमर्श करते हुए समाज के उत्थान पर जोर दिया गया. बैठक में बालिका शिक्षा पर भी जोर दिया गया. सामाजिक कुरीतियों और अंधविश्वास को दूर, समाज में आर्थिक रुप से कमजोर परिवारों को सहयोग करने और समाज में आपसी सहभागिता को बढ़ावा दिया जाएगा. सामाजिक एकजुटता बनाए रखने तथा एक- दूसरे का सहयोग करने पर बल दिया गया. समाज की ओर से आने वाले दिनों में मेड़िकल कैंप व ब्लॉड डोनेशन कैंप आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया. समाज के मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने की भी बात कही गई.
मांगों को जल्द पूरा करे सरकार : नव कुमार मंडल
बैठक में सुंडी मंडल समाज के केंद्रीय सचिव नव कुमार मंडल ने कहा कि सुंडी जाति को अनुसूचित जाती में शामिल करने की मांग लंबे समय से हो रही है. बंगाल की तर्ज पर झारखंड में भी मंडल जाति को अनुसूचित जाति में शामिल किया जाए. सरकार को ध्यान देने की आवश्यकता है. सरकार से इस मांग को जल्द से पूरा करें. समाज के सलाहकार नलिन कुमार मंडल ने इस अवसर पर सामाजिक एकजुटता और आपसी सहयोग बनाए रखने पर विशेष जोर दिया.
वार्षिक बैठक में ये रहे मौजूद
बैठक में मुख्य रुप से नव कुमार मंडल, नलिन मंजल, मांगी लाल मंडल, युधिष्ठीर मंडल, मधु सुदन मंडल, अश्विनी कुमार मंडल, प्रभाकर मंडल, सुधीर मंडल, हेमंत मंडल, सुकरु मंडल, धर्मपद मंडल, सुनील मंडल, जीतवाहन मंडल, पंचानन मंडल, परमेश्वर मंडल, टंकोधर मंडल, बसंत मंडल, गायत्री मंडल, नरेश मंडल, रत्नाकर मंडल, बंदनी मंडल, गोपाल मंडल, परेश चंद्र मंडल, अक्षय मंडल, मनमोहन मंडल, सुजीत मंडल, भारती मंडल, दिनेश मंडल समेत काफी संख्या में लोग मौजूद थे.
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