मायापुर में भक्तिमय माहौल में मना राधाष्टमी महोत्सव, साहिबगंज से पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालु

पश्चिम बंगाल के मायापुर इस्कॉन मंदिर में राधाष्टमी महोत्सव का आयोजन धूमधाम से हुआ. झारखंड से सैकड़ों श्रद्धालु पहुंचे और दीक्षा प्राप्त की. परम पूज्य भक्ति गौरांग प्रेम स्वामी महाराज ने तीन दिवसीय आध्यात्मिक प्रशिक्षण दिया.

प्रतिनिधि, मंगलहाट. पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में स्थित इस्कॉन के प्रधान केंद्र मायापुर इस्कॉन मंदिर में आयोजित राधाष्टमी महोत्सव में झारखंड के साहिबगंज जिले के राजमहल प्रखंड के कन्हैयास्थान स्थित कन्हाईनाट्यशाला इस्कॉन मंदिर और आसपास के गांवों सरकंडा, बुधवरिया, शोभापुर, चंडीपुर, सेलमपुर सहित अन्य क्षेत्रों से सैकड़ों श्रद्धालु एवं कृष्ण भक्त शामिल हुए.

भक्तिमय माहौल में राधाष्टमी

मायापुर इस्कॉन मंदिर में राधाष्टमी महोत्सव में शामिल होने वाले कृष्ण भक्त मोहन श्याम दास ब्रह्मचारी के नेतृत्व में अंशु कलाकार, नीलांबर प्रसाद मालाकार, गीता देवी, सुषमा देवी, संजू देवी, फूरकून देवी, मनोरमा देवी, मंजू देवी, अंजलि देवी, शिवानी देवी, मोसोमात इन्द्ररा देवी, निभा देवी, संजा कुमारी, मीनी कुमारी, मौसम कुमारी, बलाराम कुमार, मोहित कुमार, ज्ञान शेखा कुमारी सहित अन्य श्रद्धालु पहुंचे.

देशभर से पहुंचते हैं श्रद्धालु

श्रद्धालुओं ने बताया कि मायापुर इस्कॉन मंदिर में श्रीमती राधारानी का आविर्भाव दिवस अत्यंत भक्तिमय माहौल में धूमधाम से मनाया जाता है. इसके दर्शन के लिए देशभर से हजारों कृष्ण भक्त और श्रद्धालु पहुंचते हैं. यहां आने वाले भक्तों की सुरक्षा, ठहरने की व्यवस्था और प्रसादम की व्यवस्था रहती है.

दीक्षा को लेकर मिला आध्यात्मिक प्रशिक्षण

कन्हैयास्थान इस्कॉन मंदिर से जुड़े मोहन श्याम दास के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु अलग-अलग जत्थों में मायापुर इस्कॉन मंदिर पहुंचे. सभी कृष्ण भक्तों और श्रद्धालुओं को मायापुर इस्कॉन के परम पूज्य भक्ति गौरांग प्रेम स्वामी महाराज ने दीक्षा प्राप्त करने के लिए तीन दिवसीय आध्यात्मिक मार्ग और प्रशिक्षण दिया.

दीक्षा के विभिन्न स्तर की जानकारी

गुरु से आध्यात्मिक दीक्षा यानी प्रथम या द्वितीय दीक्षा प्राप्त करने से पहले इस्कॉन दीक्षा के विभिन्न स्तरों के बारे में विस्तार से बताया गया और इसका अनुपालन करने को कहा गया. ताकि फरवरी माह में होने वाले दीक्षा समारोह में सभी योग्य भक्तों को दीक्षा दी जा सके.

राधा-कृष्ण को बताया अभिन्न

मायापुर इस्कॉन मंदिर के मीडिया प्रभारी रमेश दास ब्रह्मचारी ने बताया कि श्रीमती राधारानी भगवान श्रीकृष्ण के अभिन्न अंग हैं. राधा और कृष्ण में कोई अंतर नहीं है. जो राधा हैं, वह कृष्ण हैं और जो कृष्ण हैं, वह राधा भी हैं.

राधारानी के आविर्भाव का उल्लेख

उन्होंने बताया कि राधारानी का जन्म पांच हजार वर्ष पहले द्वापर युग में रावल में हुआ था. अब यह स्थान यूपी के वृंदावन क्षेत्र में पड़ता है. इस्कॉन के सभी केंद्रों सहित विभिन्न मंदिरों में भी श्रीमती राधारानी का आविर्भाव दिवस उत्साहपूर्वक मनाया जाता है.

भक्ति और कल्याण की कामना

उन्होंने कहा कि जब-जब धर्म का नाश होता है, तब-तब धर्म की स्थापना के लिए भगवान श्रीकृष्ण अलग-अलग रूपों में धराधाम में अवतरित होते हैं. जब तक धरती पर भगवान श्रीकृष्ण लीलाएं करते हैं, तब तक उनकी संगिनी श्रीमती राधारानी भी भगवान की सेवा के उद्देश्य से धरती पर अवतरित होती हैं. उनकी कामना है कि श्रीमती राधारानी सभी मानव को भगवान श्रीकृष्ण की भक्तिरस प्रदान कर जीव का कल्याण करें.

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By दीप सिंह

दीप सिंह , 25 मार्च 2010 से प्रभात खबर से जुड़े हैं। रिपोर्टर के रूप में प्रभात खबर में कार्य शुरू किए। 2015 में राजमहल कार्यालय का मॉडेम प्रभारी बनाया गया। कई महत्वपूर्ण एक्सक्लूसिव, पड़ताल और जन समस्या की खबर पर बेहतर कार्य करने का मौका मिला। बीच के अंतराल में वर्ष 2018 से 5 अगस्त 2023 तक दैनिक हिंदुस्तान अखबार में राजमहल से कार्य किए। पुनः 12 अगस्त 2023 से अबतक वर्तमान में राजमहल मॉडेम कार्यालय के प्रभारी के रूप में कार्य कर रहा हूं। प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक दोनों ही प्लेटफार्म पर बेहतर कार्य करने का अवसर प्राप्त हो रहा है।

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