सदर अस्पताल में पहली बार हुआ ऐसा जटिल ऑपरेशन, महिला ने बेटे को दिया जन्म
साहिबगंज से सन्नी मंडल की रिपोर्ट
साहिबगंज : सदर अस्पताल में मंगलवार को उपाधीक्षक डॉ देवेश कुमार की देखरेख में बरहरवा के बाकुड़ी निवासी नौ माह की गर्भवती महिला का जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया गया. डॉ श्रेजा कृष्णा एवं उनकी टीम ने ऑपरेशन कर महिला और उसके नवजात बच्चे को सुरक्षित रखा. साथ ही बच्चेदानी के समीप से करीब डेढ़ किलो वजन का ट्यूमर भी सफलतापूर्वक बाहर निकाला गया
अल्ट्रासाउंड में सामने आया था ट्यूमर
जानकारी के अनुसार, बाकुड़ी, बरहरवा निवासी मिथुन ठाकुर की पत्नी लक्ष्मी देवी नौ माह की गर्भवती थीं. अल्ट्रासाउंड जांच के दौरान उनके पेट में बच्चेदानी के समीप, पीछे की ओर करीब डेढ़ किलो वजन और लगभग 15-16 सेंटीमीटर आकार का ट्यूमर पाया गया. इसकी जानकारी डॉ श्रेजा कृष्णा ने सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ देवेश कुमार को दी.
जटिल स्थिति में शुरू किया गया ऑपरेशन
जांच में मरीज के शरीर में खून की कमी पाई गई. इसके अलावा किडनी और गॉल ब्लैडर में सूजन तथा ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ भी पाया गया. चिकित्सकों ने परिजनों को रक्त की व्यवस्था करने की जानकारी दी और आवश्यक जांच एवं इलाज की प्रक्रिया शुरू की. गर्भ में नौ माह का विकसित बच्चा और बच्चेदानी के मुंह के नीचे बड़ा ट्यूमर होने के कारण मामला जटिल था.
एक घंटे तक चला ऑपरेशन
रात करीब साढ़े 10 बजे ऑपरेशन शुरू किया गया, जो लगभग एक घंटे तक चला. करीब 11:30 बजे ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरा हुआ. ऑपरेशन के दौरान डेढ़ किलो का ट्यूमर भी सफलतापूर्वक निकाल दिया गया. मरीज को तीन यूनिट रक्त चढ़ाया गया.
पहली बार निकाला गया इतना बड़ा ट्यूमर
बताया गया कि सदर अस्पताल में पहली बार किसी गर्भवती महिला के पेट में बच्चेदानी के समीप स्थित इतना बड़ा ट्यूमर ऑपरेशन के माध्यम से निकाला गया है. ऑपरेशन के बाद जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ एवं सुरक्षित हैं. लक्ष्मी देवी ने अपने पहले बच्चे के रूप में बेटे को जन्म दिया.
पूरी मेडिकल टीम रही मौजूद
ऑपरेशन के दौरान डीएस डॉ देवेश कुमार, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ सलखु चंद्र हांसदा, सीनियर ए-ग्रेड एएनएम, सीनियर ए-ग्रेड जीएनएम सहित पूरी मेडिकल टीम मौजूद थी. ऑपरेशन सफल होने के बाद डॉ श्रेजा कृष्णा ने इसकी जानकारी अस्पताल उपाधीक्षक डॉ देवेश कुमार एवं सिविल सर्जन डॉ रामदेव पासवान को दी.
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, इन दिनों मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है. विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा जांच, इलाज और जटिल ऑपरेशन किए जा रहे हैं.
