नकली कीटनाशक दवा बनाने का मामला दर्ज, एक महिला हिरासत में
कॉपीराइट अधिनियम के तहत मामला दर्ज
By ABDHESH SINGH | Updated at :
साहिबगंज (फाइल फोटो)
मंडरो
मिर्जाचौकी थाना क्षेत्र के महादेववरण गांव में बुधवार को लगभग 22 लाख रुपये का डुप्लीकेट कीटनाशक दवा और स्टिकर बरामद हुआ था. इसे लेकर इंडोसीन कंपनी के क्षेत्रीय प्रमुख रंजीत कुमार सिंह के बयान पर मिर्जाचौकी थाने में केस दर्ज किया गया. थाना प्रभारी रूपेश कुमार यादव ने बताया की क्षेत्रीय प्रमुख से आवेदन मिलने के बाद मिर्जाचौकी कांड संख्या 26/26 दर्ज कर पुतुल देवी, पति स्वर्गीय शंभू पंडित, ग्राम महादेववरण निवासी को आरोपी बनाया गया है. नकली कीटनाशक दवा बनाने को लेकर कॉपीराइट अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक हिरासत में एसआइ प्रवीण प्रभाकर के द्वारा साहेबगंज भेज दिया गया है. इंडोसिन कंपनी में प्रमुख जजकर्ता के पद पर पदस्थापित रंजीत कुमार सिंह ने बताया था कि काफी दिनों से इंडोसिल कंपनी का एलेक्टो कीटनाशक दवा मार्केट में सप्लाई हो रही है. इसकी गुप्त सूचना मिल रही थी. इसी के आधार पर हम लोगों ने सर्वे किया तो पता चला कि इंडोसिन कंपनी की कीटनाशक दवा है, जो यहां आता है. यहां पर कुछ दिनों से डुप्लीकेट तरीके से बनाया जा रहा है. हम लोगों ने इसकी सूचना साहिबगंज एसपी, एसडीओ, जिला कृषि पदाधिकारी और मिर्जाचौकी थाना प्रभारी को दी और सारी बातों से अवगत कराया. इसके बाद पुलिस के साथ छापेमारी की. छापेमारी के क्रम में डुप्लीकेट कीटनाशक दवा 1610 पीस मिला, जबकि स्टिकर 24570 पिस मिला. एक केमिकल भी मिला था, जबकि दवा का दाम 1350 रुपये पर पीस है, पकड़े गये डुप्लीकेट दवा की कीमत लगभग 22 लाख रुपये बतायी जा रही है. जबकि बोतल में लगाने वाला स्टीकर लगभग करोड रुपये (अनुमानित) बताई जा रही है. उन्होंने यह भी कहा कि इस पर फिलहाल और कड़ी जांच-पड़ताल की जा रही है.