बरहरवा जेएसएससी द्वारा आयोजित सीजीएल की परीक्षा पास कर प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी बरहरवा के पद पर पदस्थापित नंदन कुमार अपनी पहली पोस्टिंग में ही 40,000 रुपये की रिश्वत लेते एसीबी ( एंटी करप्शन ब्यूरो) के हत्थे चढ़ गये. वह अपनी नौकरी की पहली सैलरी भी नहीं उठा पाये. नंदन कुमार ने बरहरवा प्रखंड के सभी डीलरों को मिलाकर कुल 50 हजार रुपये प्रतिमाह जमा करने का फरमान जारी कर दिया. जिसकी जानकारी सभी डीलरों को मिली तो उन्होंने अपने संगठन के अध्यक्ष आलमगीर आलम को दिया. जिसके बाद आलमगीर आलम ने इसकी सूचना एंटी करप्शन ब्यूरो दुमका को दी तथा एसीबी की टीम नंदन कुमार को दबोचने के लिये पैर में हवाई चप्पल, कंधे पर गमछा और बिखरे हुये बाल बनाकर एक आम आदमी की तरह गुरुवार की दोपहर करीब 12 बजे बरहरवा प्रखंड मुख्यालय पहुंचकर आस-पास भटकने लगे. जैसे ही आलमगीर आलम ने नंदन कुमार को रिश्वत के रूप में 40 हजार रुपये दिया. तभी, एसीबी की टीम ने धावा बोल दिया और नंदन कुमार को रंगे हाथों धर दबोचा. प्रक्रिया पूरी करने के बाद नंदन कुमार को टीम दुमका स्थित कार्यालय ले गयी. जहां पर पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर दुमका सेंट्रल जेल भेजने की प्रक्रिया की जा रही थी. ज्ञात हो कि बरहेट प्रखंड में 24 जुलाई 2025 को एसीबी ने जनमन आवास योजना के नाम पर 3500 रुपये घूस लेते पंचायत सचिव संतोष कुमार को गिरफ्तार किया था. संतोष मूल रूप से बरहरवा प्रखंड के रतनपुर के रहने वाले हैं. दो दिन पहले ही एक सरकारी पदाधिकारी के पास बैठकर ईमानदारी की दे रहे थे दुहाई एसीबी के द्वारा बरहरवा के प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी नंदन कुमार की गिरफ्तारी के बाद यह खबर पूरे जिले में आग की तरफ फैल गयी. हर कोई उनकी इस कार्यशैली को लेकर सवाल खड़ा कर रहा है. नंदन कुमार दो दिन पहले ही एक सरकारी पदाधिकारी के कार्यालय में अपनी ईमानदारी की दुहाई दे रहे थे, लेकिन उनकी यह दुहाई के बाद गिरफ्तारी की खबर चर्चा का विषय बन गया है.
पहली सैलरी भी नहीं उठा पाये बीएसओ नंदन कुमार, एसीबी ने जाल बिछा कर 40 हजार रुपये घूस लेते किया गिरफ्तार
बरहरवा प्रखंड के सभी डीलरों से कुल 50 हजार रुपये किया था डिमांड

साहिबगंज (फाइल फोटो)