रेखा को तलाश रही पुलिस, नंदन मंडल हत्या मामले में बेल पर है रेखा
साहिबगंज : राजमहल थाना क्षेत्र के मंगलहाट की रहने वाली रेखा देवी अपने पति की हत्या का बदला नंदन मंडल की हत्या करवा कर कोर्ट से बेल पर है. लेकिन पीके की गिरफ्तारी के बाद अचानक अंडर ग्राउंड हो गयी है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस अब रेखा की तलाशी शुरू कर दी […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
साहिबगंज : राजमहल थाना क्षेत्र के मंगलहाट की रहने वाली रेखा देवी अपने पति की हत्या का बदला नंदन मंडल की हत्या करवा कर कोर्ट से बेल पर है. लेकिन पीके की गिरफ्तारी के बाद अचानक अंडर ग्राउंड हो गयी है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस अब रेखा की तलाशी शुरू कर दी है. जिस को लेकर राजमहल पुलिस रेखा की पैतृक आवास मंगलहाट दो बार जा चुकी है.
परंतु रेखा नहीं मिली. पुलिस को रेखा देवी से पूछताछ करना काफी अहम माना जा रहा है. इसलिए पुलिस को पूछताछ हेतु ढूंढ ही निकालेगी. पुलिस का मानना है कि बहुत जल्द रेखा देवी अधिकारियों से मिल सकती हैं. चूंकि रेखा देवी पर किसी प्रकार का कोई वारंट नहीं है.
लगभग पांच से छह वर्ष तो मंगलहाट स्थित घाट व चायना क्ले व्यवसाय पर पीके का एक छत्र राज कायम था. बताया जाता है कि नंदन मंडल व प्रकाश मंडल में इसी एक छत्र राज को लेकर शुरू में तू-तू मैं-मैं भी हुई. और फिर एक दूसरे राज की दुश्मन बन बैठा था. आखिर बार रेखा देवी के इशारे पर नंदन मंडल व परमानंद पर गोली व बम से ताबड़ तोड़ बमबारी किया.
जिसमें नंदन तो बाल-बाल बच गया. लेकिन परमानंद मंडल की मौत बारहद्वारी पर ही हो गयी. उसके बाद नंदन मंडल के घर पर हुई बमबारी परंतु बाल-बाल बचता रहा. परंतु प्रकाश ने नंदन की खात्मा की जो कसम खा रखी थी उसे भी आखिर मंगलहाट चौक पर ही उसे बमबारी कर मौत का घाट उतार दिया. कहा जाता है कि गंगा घाट से रोजाना बांग्लादेश के लिये लोड होने वाली नाव बोल्डर से प्रति बोल्डर एक रुपया पीके नाम से उठता था. वहीं चायना क्ले भी प्रति ट्रक के हिसाब से रंगदारी मिलता रहा.
पीके के हर गुर्गे पर है पैनी नजर
राजमहल उपकारा में बंद क्षेत्र का मोस्टवांटेड प्रकाश मंडल उर्फ पीके के तमाम छोटे से बड़े व सफेदपोश हो या नकाबपोश पुलिस सब पर पैनी नजर रखी है. सूत्रों से मिली जानकारी लगभग दर्जनों गुर्गे के कॉल डिटेल्स पर भी पुलिस की नजर है. बताया जाता है कि पीके की गिरफ्तारी के बाद से ही गुर्गों में ताजगी आ गयी है और जो पहले से पीके के नाम पर रंगदारी दे रहा था उसे भी सूचना मिल गयी है की भाई आ गया है. खुफिया विभाग ने पहले ही गुर्गे की ताजगी की सूचना सरकार को दे चूकी है.
प्रभाकर की मदद से रेखा का तार प्रकाश से जुड़ा
मंगलहाट की तिवडी में प्रकाश, प्रभाकर व पंकज का नाम सूर्खियों में था. इसी दौरान बेवा रेखा देवी पति के बदला लेने की आग दिल में लेकर घुमती रहती थी. बार बार नंदन की हवेली के ऊपर निगाहें दौड़ाती रहती थी. इसी बीच रेखा प्रभाकर से मिली और अपने बदले की आग का वास्ता देकर किसी तरह से प्रभाकर को मोह लिया. प्रभाकर और रेखा का संबंध धीरे-धीरे नजदीक होती गयी. अंतत: रेखा ने प्रभाकर से प्रकाश का तार जोड़ने की बात कही और प्रभाकर के सहयोग से प्रकाश और रेखा के बीच समझौता हो गया. रेखा और प्रकाश का मिलना ही नंदन को मौत की आहट हो गयी आखिरकार नंदन की हत्या हो ही गयी
. बताते चले कि प्रकाश मंडल की गिरफ्तारी के बाद प्रकाश के दोस्त दुश्मन सभी के मुंह खुल गये है कुछ लोक गुनमान गाते हैं तो कुछ पीके के द्वारा की गयी कारनामा की कहानी सुनाता है. लोग आज भी पीके के चक्कर लोग असमंजस में है. फोटो देख कर कोई विश्वास नहीं करता है लोग कभी प्रभाकर को पीके समझता है तो कभी पंकज लाला को.