प्रभु यीशु के बलिदान से मानव जाति को मिला पापों से मुक्ति का मार्ग मानव उद्धार के लिए परमेश्वर ने यीशु को भेजा: फादर मथियस हेंब्रम साहिबगंज. शहर के घाट रोड स्थित कैथोलिक चर्च में शुक्रवार को गुड फ्राइडे मनाया गया. स्थानीय सदस्यों की मदद से चर्च में प्रार्थना की गयी. फादर मथियस हेंब्रम ने क्रॉस लेकर चर्च के अंदर चक्कर लगाये, उनके बताये गये रास्तों पर चलने का संकल्प लिया. उन्होंने कहा कि मध्य-पूर्व एशिया में स्थित इजराइल के पास गुलगुता पहाड़ पर आज से करीब दो हजार साल पहले प्रभु यीशु ने क्रूस पर अपना बलिदान दिया था. परमेश्वर के पुत्र ने अपना बलिदान दिया था, क्योंकि समस्त मानव जाति उनकी मृत्यु द्वारा पाप से छुटकारा पा सके, उन्होंने कहा कि इजराइल में लोग अपने पापों से छुटकारा पाने के लिए मेमने की बलि दिया करते थे. लेकिन कई नवियों ने पहले ही यह भविष्यवाणी कर दी थी कि परमेश्वर मनुष्यों को पाप से छुटकारा दिलाने के लिए संपूर्ण बलिदान की व्यवस्था कर चुके हैं. इसलिए परमेश्वर के पुत्र के रूप में प्रभु यीशु को दुनिया में भेजा, ताकि उनके बलिदान से हमें उद्धार मिल सके. उन्होंने कहा कि प्रभु यीशु ही जगत के मेमना है, जिसने हमारे पापों को अपने ऊपर ले लिया है. जब प्रभु यीशु मसीह अपने चेलों के साथ गतसमनी बाग में आये, तो वहां सैनिकों ने उन्हें पकड़ लिया. महासभा में याजकों ने उन्हें मृत्युदंड देने की मांग की. कहा कि बाइबल के अनुसार याजकों के दबाव के कारण प्रभु यीशु मसीह को क्रूस पर चढ़ाकर मृत्युदंड दिया गया. याजकों ने यीशु पर खुद को परमेश्वर का पुत्र कहने और यहूदियों का कहने का दोष लगाया था. मौके पर फादर मथियस हेंब्रम, रेक्टर फादर सिमरन किस्कू, फादर प्रमोद किस्कू, सिस्टम नमिता, सिस्टर ग्रेसी, प्रदीप कुजूर, जोन बेसरा, सिस्टर मोनिका किस्कू, सिस्टर जमारिया, सिस्टर शीला मुर्मू, निधि हेंब्रम, सिस्टर लुसी, रोसी, मरीना, ललिता, हेलन, फ्रांससिका समेत सैंकड़ों अनुयायी महिला-पुरुष आदि मौजूद थे.
मानवता की रक्षा के लिए क्रूस पर चढ़े थे प्रभु यीशु
जिले के विभिन्न गिरजाघरों में की गयी प्रार्थना सभा, बोले फादर मथियस हेंब्रम

साहिबगंज (फाइल फोटो)