तालझारी
प्रखंड मुख्यालय सभागार में सोमवार को कॉमन्स इनिशिएटिव की अवधारणा और मल्टी-स्टेकहोल्डर बैठक पर एक दिवसीय प्रखंड स्तरीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया. यह कार्यशाला सर्व सेवा समिति संस्था 4एस इंडिया और तालझारी एग्रीकल्चर प्रोड्यूसर कंपनी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गयी थी. कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य स्थानीय सार्वजनिक संसाधनों (कॉमन्स रिसोर्सेज) की पहचान करना और उनके संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करना था. कार्यशाला की शुरुआत विषय के ओरिएंटेशन और विस्तृत विवरण के साथ हुई. पहली गतिविधि के दौरान प्रतिभागियों ने अपने आस-पास मौजूद निजी और सार्वजनिक संसाधनों की सूची तैयार की. इस गतिविधि से यह महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया कि समाज में प्रत्येक 1 यूनिट निजी संसाधन के निर्माण या अस्तित्व के लिए कम से कम 3 यूनिट सार्वजनिक संसाधनों की आवश्यकता होती है. इससे यह स्पष्ट हुआ कि यदि सार्वजनिक संसाधन नष्ट हो गये, तो निजी संसाधनों को बचाना भी मुश्किल होगा. विभिन्न हितधारकों के साथ गहन मंथन के बाद यह पाया गया कि क्षेत्र की अधिकांश समस्याओं की जड़ तीन मुख्य कारण हैं, जिसमें जलस्तर में लगातार गिरावट और भूजल संकट, वनों का विनाश और मिट्टी की घटती उर्वरा शक्ति, स्वास्थ्य और पर्यावरणीय चुनौतियां, मल्टी-एक्टर प्लेटफॉर्म का गठन और वन विभाग की भूमिका आदि शामिल हैं. कार्यशाला में इन समस्याओं के समाधान के लिए एक मल्टी-एक्टर प्लेटफॉर्म का गठन किया गया. मौके पर तालझारी एफपीसी से अरुण कटियार, 4एस इंडिया से प्रिय रंजन, बीटीएम, एटीएम, समाजसेवी प्रीतम, ज़ोन मारंडी, वन विभाग के प्रतिनिधि, विभिन्न पंचायतों के प्रधान, मुखिया, वार्ड सदस्य, सीएलएफ, एसएचजी की दीदियां और स्थानीय किसान उपस्थित थे.
