पारा 39 डिग्री पार, घरों में दुबके लोग

साहिबगंज : चिलचिलाती धूप व ऊमस भरी गरमी लोगों को अप्रैल में मई व जून की गरमी का अहसास दिला रही है. साहिबगंज जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों चिलचिलाती धूप व ऊमस भरी गरमी के कारण लोग काफी परेशान हैं. स्थिति यह बनी है कि सुबह 11 बजते ही लोग अपना काम […]

साहिबगंज : चिलचिलाती धूप व ऊमस भरी गरमी लोगों को अप्रैल में मई व जून की गरमी का अहसास दिला रही है. साहिबगंज जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों चिलचिलाती धूप व ऊमस भरी गरमी के कारण लोग काफी परेशान हैं. स्थिति यह बनी है कि सुबह 11 बजते ही लोग अपना काम कर अपने घर लौट जाते हैं. दोपहर 11:30 से 3:30 बजे तक सड़कों, बाजारों व गली-मुहल्लों में सन्नाटा पसर जाता है. मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को साहिबगंज जिले का तापमान अधिकतम 38 डिग्री एवं न्यूनतम 29 डिग्री रहा.

गन्ना का रस व खीरा, तरबूज की बढ़ी मांग : साहिबगंज में अप्रैल माह से ही भीषण गरमी पड़ने के कारण शहर में गन्ना का रस, बेल, आइस्क्रीम, कोलड्रींक्स, तरबूज, खरबूजा, खीरा, ककड़ी की बिक्री बढ़ गया है. ऊमस भरी गरमी से बचने के लिए लोग जूस का सहारा ले रहे हैं. फल दुकानों पर अधिक भीड़ देखने को मिल रही है इस संबंध में फल विक्रेता मनोज कुमार ने बताया कि बेदाना का जूस 60 रुपया, मौसमी का जूस 40 रुपया, गन्ना का जूस 10 रुपया प्रति ग्लास, तरबूज 20 से 80 रुपया पीस, खरबूज 10 से 20 रुपया पीस, बेल 10 से 40 रुपये पीस, खीरा 10 से 15 रुपये किलो व ककड़ी 10 से 15 रुपये किलो की दर से बिक्री की जा रही है.

पंखा व कूलर की बिक्री जोरों पर

अप्रैल शुरू होते ही भीषण गरमी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है. गरमी के कारण शहर के कूलर, पंखा व एसी की दुकानों में लोगों की भीड़ खरीदारी करने के लिये उमड़ने लगी है. इस संबंध में इलेक्ट्रोनिक दुकानदार अभिषेक ने बताया कि गरमी के कारण कूलर व पंखा की बिक्री बढ़ी है. चिलचिलाती धूप व गरमी से बचने के लिए महिला, पुरुष व स्कूली बच्चे अपने चेहरा को रूमाल, गमछा, दुपट्टा से ढक कर व छाता लेकर अपने घरों से बाहर निकल रहे हैं. ताकि धूप व गरमी से बचा जा सके.

बिजली की आंख-मिचौनी से परेशान हैं शहरवासी : शहर के तीनोें फीडर में पिछले एक सप्ताह से बिजली की आंख-मिचौनी से शहरवासी काफी परेशान हैं. ऊमस भरी गरमी में बिजली के नहीं रहने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. बुधवार को दोपहर में दो घंटे तक तीन नंबर फीडर में विद्युत आपूर्ति बाधित रही.

देसी फ्रीज की बढ़ी मांग

गरमी शुरू होते ही लोगों के हलक सूखने लगे हैं. ठंडा पानी के लिए गरीब तो गरीब अमीर तबके के लोग भी साप्ताहिक हाट व बाजारों से देशी फ्रीज यानी मिट्टी से निर्मित घड़ा व सुराही की खरीदारी जोर शोर से कर रहे है. इस संबंध में घड़ा व सुराही विक्रेता गंधर पंडित ने बताया कि छोटा घड़ा 30 रुपये, मंझला घड़ा 40 से 50 रुपये व बड़ा घड़ा 60 से 80 रुपया एवं सुराही 25 से 70 रुपये की दर से बिक्री की जा रही है.

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