पारा 38 के पार, अप्रैल में ही झुलसा रही गरमी

दोपहर होते ही वीरान हो जाती हैं शहर की प्रमुख सड़कें चिलचिलाती धूप से सूख रहे हलक, पारा चढ़ा साहिबगंज : अप्रैल माह में ही मई व जून जैसी गरमी पड़ने लगी है. सुबह नौ बजे के बाद तापमान बढ़ जाता है. दोपहर होते ही सड़कें वीरान हो जाती है. मंगलवार को साहिबगंज का तापमान […]

दोपहर होते ही वीरान हो जाती हैं शहर की प्रमुख सड़कें

चिलचिलाती धूप से सूख रहे हलक, पारा चढ़ा
साहिबगंज : अप्रैल माह में ही मई व जून जैसी गरमी पड़ने लगी है. सुबह नौ बजे के बाद तापमान बढ़ जाता है. दोपहर होते ही सड़कें वीरान हो जाती है. मंगलवार को साहिबगंज का तापमान अधिकतम 38 डिग्री एवं न्यूनतम 28 डिग्री रहा. बचाव को लेकर लोग तमाम तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर मजबूर है. खासकर जूस, लस्सी, कोल, ड्रिंक्स, ठंडा जल, एयर कंडिशन सहित विभिन्न सुविधाओ में जूट गये हैं. खासकर लगातार जलस्तर नीचे की ओर जा रहा है.
ऐसे में लोगों को पशुओं की देखभाल में भी विशेष सावधानी बरतने की जरुरत है. थोड़ी सी लापरवाही बरतने पर काफी नुकसान होने की संभावना देखा जा रहा है. इससे न सिर्फ पशुपालकों की परेशानी बढ़ेगी. बल्कि पशुओं की होने वाली मौत से आर्थिक चपत लगेगी. पशुपालकों के अनुसार अप्रैल माह से ही तालाब, पोखर, नदी, सिंचाई कूप सूखने लगे हैं. तेज धूप पशुओं के लिये बेहद घातक है. देखभाल में की गई लापरवाही से उनमें हीट स्ट्रोक की समस्या आ सकती है.
दस बजते ही वीरान हो जाती है बाजार
अप्रैल माह में ही चिलचिलाती धूप से साहिबगंज शहर पूरी तरह सन्नाटा दिखने लगता है. हालांकि बिजली के कारण लोगों को थोड़ी राहत तो मिल रही है. परंतु राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.साहिबगंज रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड सहित चौक चोराहों में लोगों को पानी के लिये लोग परेशान दिखे.

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