जनसम्मेलन . समुदाय की बदहाली को लेकर आक्रोशितों ने किया विरोध प्रदर्शन
बोरियो : दामिन डाक बंगला परिसर में बुधवार को पहाड़िया मुक्ति सेना के बैनर तले प्रखंड स्तरीय जनसभा का आयोजन किया गया. पहाड़िया मुक्ति सेना के सचिव सह प्रमंडलीय सदस्य गयालाल देहरी ने जनसभा को संबोधित करते हुये कहा कि पहाडिया पहाड़िया संथाल परगना के मूलवासी है. इसलिये गवाह है कि पहाड़िया ने अपनी अस्मितता को बचाने के लिये मुगलो और अंग्रेजो से कई लड़ाईयां लड़ी हैं. लेकिन आजादी के बाद पहाड़ाें के राजा पहाड़िया भिखारी हो गये हैं, उनका शोषण किया जा रहा है.
प्रखंड विकास पदाधिकारी को सौंपा पांच सूत्री मांग पत्र
आंदोलन की चेतावनी
वहीं दूसरी ओर पहाड़िया बच्चियों के साथ लबदा घाटी, पाकुड़, हिरणपुर और तोड़ाई जैसी जगहों पर दुष्कर्म की घटनायें लगातार हो रही हैं. पहाड़िया जनजाति के अस्तित्व की रक्षा के लिये आज सरकार खामोश है. मांगे पूरी नहीं हुई तो आंदोलन की ली चेतावनी. तत्पश्चात डाक बंगला से रैली निकाल कर मुख्यालय पहुंचा. कुछ ही घंटों बाद विशाल जनसभा रैली में तब्दील हो गयी और गया लाल देहरी के नेतृत्व में प्रखंड विकास पदाधिकारी को 5 सूत्री मांग पत्र सौंपा.
पहाड़िया की मांगें
पहाड़िया समुदाय के लिये हो अलग से प्रशासनिक सुविधाएं
संताल परगना प्रमंडल दुमका के पत्रांक 259/विदि 31 मई 1995 के आदेशानुसार पहाड़िया को विकास कार्यों में भागीदारी दी जाय
वन अधिनियम 2006 के तहत पहाड़िया जाति को वनभूमि का पट्टा दिया जाय
पहाड़िया कल्याण का पदऔर पहाड़िया कल्याण शाखा को पूर्ववत किया जाय
माल पहाड़िया और सौरिया पहाड़िया के अस्तित्व को न मिटिया जाय
प्रमाण पत्रों में सिर्फ पहाड़िया जाति न लिखा जाये वरण माल पहाड़िया और सौरिया पहाड़िया लिखा जाये.
ये भी थे मौजूद
इस अवसर पर विकास पहाडिया, सूरजा पहाड़िया, देवेंद्र मालतो, शांति पहाड़िन, धरमी पहाड़िन, रामसुंदर पहाड़िया सहित दर्जनों लोग उपस्थित थे.
