रांची स्मार्ट सिटी में जलापूर्ति की क्या है तैयारी, पढ़िए ये रिपोर्ट

रांची : गर्मी के दिनों में पानी की कमी के कारण चार महीने तक राशनिंग कर क्षेत्र में जलापूर्ति करने वाले हटिया डैम से एचइसी में निर्माणाधीन स्मार्ट सिटी में भी जलापूर्ति की योजना है. डैम का जल संग्रहण क्षेत्र छोटा होने के कारण इस वर्ष हुई भरपूर बारिश के बाद भी डैम पूरा नहीं भरा है. इसकी वजह से अगले वर्ष भी गर्मियों में डैम से राशनिंग कर ही जलापूर्ति की संभावना है.

By Prabhat Khabar Digital Desk | November 24, 2020 2:19 PM

रांची : गर्मी के दिनों में पानी की कमी के कारण चार महीने तक राशनिंग कर क्षेत्र में जलापूर्ति करने वाले हटिया डैम से एचइसी में निर्माणाधीन स्मार्ट सिटी में भी जलापूर्ति की योजना है. डैम का जल संग्रहण क्षेत्र छोटा होने के कारण इस वर्ष हुई भरपूर बारिश के बाद भी डैम पूरा नहीं भरा है. इसकी वजह से अगले वर्ष भी गर्मियों में डैम से राशनिंग कर ही जलापूर्ति की संभावना है.

डैम का जल संग्रहण क्षेत्र बढ़ाने या डैम का गाद हटा कर जलस्तर में वृद्धि करने जैसे उपायों को छोड़कर नगर विकास विभाग ने स्मार्ट सिटी में जलापूर्ति के लिए मुख्य स्रोत के रूप में हटिया डैम का चयन किया. डैम से जलापूर्ति के लिए आधारभूत संरचना भी लगभग तैयार कर ली गयी है. डैम के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता भी बढ़ायी गयी है, लेकिन जलापूर्ति के लिए डैम में पानी की मात्रा बढ़ाने की कोई योजना नहीं बनी है.

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स्मार्ट सिटी परिसर में जल संचयन के लिए दो अंडरग्राउंड रिजर्वायर का निर्माण किया जा रहा है. नौ मिलियन लीटर क्षमता वाले पहले रिजर्वायर में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से आनेवाला पीने का पानी रखा जायेगा. वहीं तीन मिलियन लीटर क्षमता वाले दूसरे रिजर्वायर से पेयजल की आपूर्ति होगी. रिजर्वायर के लिए स्मार्ट सिटी क्षेत्र में 21.55 किमी की भूमिगत डीआइ पाइपलाइन बिछायी जा रही है

कचहरी रोड में रांची नगर निगम का नवनिर्मित भव्य भवन बन कर तैयार है. इसका उदघाटन 29 दिसंबर को किया जायेगा. उसी दिन राज्य की हेमंत सरकार के कार्यकाल का एक वर्ष पूरा हो रहा है. नगर विकास विभाग ने नगर निगम भवन के अलावा स्मार्ट सिटी परिसर में बनाये गये कमांड, कंट्रोल एंड कम्यूनिकेशन सेंटर का उदघाटन भी उसी दिन कराना तय किया है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से दोनों भवनों का उदघाटन करने का आग्रह किया गया है.

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स्मार्ट सिटी परिसर में वर्षा जल के भी बेहतर इस्तेमाल की योजना है. ग्राउंड वाटर लेवल मेंटेन करने के लिए सभी भवनों में वाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य होगा. सभी भवनों का निर्माण ग्रिहा रेटिंग के हिसाब से किया जायेगा. इसके हिसाब से बने भवनों से जल संरक्षण में मदद मिलेगी. रांची स्मार्ट सिटी परिसर से गुजरने वाली दो नदियों लतमा और नैंती नदी के संरक्षण के लिये रिवरफ्रंट डेवलपमेंट पर भी काम किया जायेगा. स्मार्ट सिटी में स्वच्छ जल पहुंचाने के लिए पाइप लाइन बिछाने का कार्य पूरा हो गया है. जलापूर्ति के लिए दो अतिरिक्त फिल्टर बेड का निर्माण कराया गया है. हटिया डैम स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता बढ़ायी गयी है. स्मार्ट सिटी में 24 घंटे पानी की निर्बाध आपूर्ति के लिए रुक्का डैम से आनेवाली जलापूर्ति लाइन से भी वैकल्पिक जलापूर्ति की व्यवस्था की जा रही है. स्मार्ट सिटी परिसर में पानी पहुंचाने के लिए 10.09 करोड़ रुपये की लागत से आधारभूत संरचना तैयार की गयी है.

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हटिया डैम से नौ एमएलडी जलापूर्ति के लिये 450 एमएम डायमीटर (व्यास) वाली लगभग छह किमी डेडिकेटेड पाइप लाइन तैयार की गयी है. स्मार्ट सिटी में पानी की बर्बादी नहीं होगी. हर घर तक दो पाइप लाइन के जरिये पानी की आपूर्ति की जायेगी. पीने के लिए शुद्ध व साफ पानी मिलेगा. वहीं, बागवानी व अन्य कार्यों के लिए दूसरी पाइपलाइन से जलापूर्ति होगी. स्मार्ट सिटी परिसर में इस्तेमाल किये जाने वाले पानी को रिसाइकिल भी किया जायेगा. घर से निकलने वाले सीवरेज वाटर को सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में एसबीआर तकनीक से फिल्टर कर दोबारा इस्तेमाल के लायक बनाया जायेगा. इसके लिए हर घर के सीवरेज वाटर को रिसाइकिल प्लांट तक पहुंचाने के लिए नेटवर्क बनाया जा रहा है. 14.44 किमी लंबे आरसीसी और एचडीपीइ पाइप के जरिये सीवरेज का पानी रिसाइकिल प्लांट तक पहुंचाया जायेगा. फिल्टर करने के बाद उस पानी को आवासीय परिसरों में नहाने, पीने और खाना बनाने को छोड़ कर अन्य जरूरतों के लिए उपलब्ध कराया जायेगा. रिसाइकिल के लिए एसबीआर तकनीक पर आधारित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण किया जा रहा है.

Posted By : Guru Swarup Mishra

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