रांचीः उषा मार्टिन विश्वविद्यालय में ऑनलाइन स्नातक और स्नातकोत्तर कार्यक्रमों को शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के डिस्टेंस एजुकेशन ब्यूरो (यूजीसी-डीइबी) से मंजूरी मिल गई है. इसके साथ ही इच्छुक विद्यार्थियों के लिए इन पाठ्यक्रमों में नामांकन का रास्ता साफ हो गया है. शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए विद्यार्थी 13 अक्तूबर 2026 तक नामांकन ले सकते हैं.
विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति ब्रिगेडियर सुमेर वीर सिंह ने कहा कि यूजीसी से मंजूरी मिलना गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा को अधिक किफायती और सुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के स्नातक स्तर के बीबीए ऑनर्स और बीसीए ऑनर्स कोर्स को भी यूजीसी से मंजूरी मिल गई है. दोनों पाठ्यक्रम चार वर्ष के हैं और इनमें मल्टीपल एंट्री और मल्टीपल एग्जिट की सुविधा होगी.
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एमबीए और एमसीए कोर्स को भी मंजूरी
स्नातकोत्तर स्तर पर एमबीए-एचआर, फाइनांस मैनेजमेंट और एमसीए कोर्स को भी यूजीसी से मंजूरी मिली है. ये सभी पाठ्यक्रम दो वर्ष के हैं. कुलपति ने कहा कि यूजीसी की मंजूरी मिलने से उन विद्यार्थियों के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध हुआ है, जो नियमित कक्षाओं में शामिल नहीं हो पाते हैं.
झारखंड में विवि को मिला ए ग्रेड
वर्ष 2025 में झारखंड में सिर्फ उषा मार्टिन विश्वविद्यालय को नैक की ओर से ए ग्रेड मिला है. विश्वविद्यालय को 3.17 सीजीपीए प्राप्त हुआ है. इस अवसर पर रजिस्ट्रार डॉ शिव प्रताप वर्मा, डीन एकेडेमिक्स प्रो बीएन सिन्हा और सेंटर फॉर डिस्टेंस एंड ऑनलाइन एजुकेशन के निदेशक प्रो अरविंद हंस विशेष रूप से उपस्थित थे.
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