रांची. उषा मार्टिन फाउंडेशन की ओर से गुरुवार को एसपीडी कॉन्फ्रेंस हॉल में शिक्षक संवाद और सम्मान समारोह का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का मुख्य विषय भारतीय ज्ञान परंपरा में शिक्षा रहा. इसमें सरकारी विद्यालयों के शिक्षक, एकल विद्यालयों के आचार्य, जनप्रतिनिधि और उषा मार्टिन के वरीय अधिकारी शामिल हुए.
शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर चर्चा
कार्यक्रम में शिक्षा की गुणवत्ता, भारतीय ज्ञान परंपरा और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को लेकर विचार-विमर्श किया गया. मुख्य अतिथि रांची विवि के प्रोफेसर डॉ प्रकाश सहाय ने कहा कि जीवन में कुछ करना है, तो अपना अंदाज बदलना होगा. परिस्थितियां चाहे जैसी हों, हमें अपने सोचने और काम करने के तरीके में सकारात्मक बदलाव लाना चाहिए.
उषा मार्टिन फाउंडेशन के सचिव डॉ मयंक मुरारी ने कहा कि शिक्षक समाज और राष्ट्र निर्माण की महत्वपूर्ण कड़ी हैं. उन्होंने शिक्षकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान पर जोर दिया.
पांच शिक्षकों और आचार्यों को किया गया सम्मानित
समारोह में टाटीसिलवे हाई स्कूल के प्रधानाचार्य कमल किशोर सिंह, महिलोंग मिडिल स्कूल की प्राचार्या हेमलता कुमारी तथा एकल विद्यालय की आचार्या शासनबेरा से आसापति, मेड़ा से लोकराम सिंह मुंडा और जराटोली से सबिता देवी को सम्मानित किया गया.
मौके पर समाजसेवी शैलेश मिश्रा, चतरा के प्रधान क्रिस्टो कुजूर, मुखिया सोहन मुंडा, मुखिया संदीप तिर्की, सचिंद्र कुमार, दीपेंद्र कुमार और बिजेंद्र श्रीवास्तव मौजूद थे. वहीं, उषा मार्टिन फाउंडेशन की ओर से प्रिया बागची, बारुन कुमार, मोनित भूतकुमार और भुनेश्वर महतो उपस्थित रहे.
