टाटा स्टील पांच वर्षों में 40 मिलियन टन स्टील उत्पादन का लक्ष्य : सर्वेश कुमार

टाटा स्टील ने अगले पांच वर्षों में 40 मिलियन टन स्टील उत्पादन का लक्ष्य रखा है। कंपनी ग्रीन स्टील और डीकार्बोनाइजेशन तकनीक पर भारी निवेश कर रही है।

रांची: भारत में टाटा स्टील 10 लाख टन प्रति वर्ष क्षमता का हिसारना तकनीक स्टील प्रोडक्शन प्लांट लगायेगी. यह टेक्नोलाजी कार्बन डाई ऑक्साइड इमीशन को कम करेगा. जलवायु परिवर्तन और कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए टाटा स्टील ने लक्ष्य किया है, जिससे टाटा स्टील का जीरो कार्बन इमीशन स्टील 2035 तक पूरा हो जायेगा.

कंपनी के कॉरपोरेट कम्युनिकेशन चीफ सर्वेश कुमार ने कहा कि कंपनी ने डीकार्बोनाइजेशन आधारित तकनीक तैयार की है, जिसके तहत विभिन्न देशों में संचालित इकाइयों में चरणबद्ध तरीके से कार्बन उत्सर्जन कम करेगी. टाटा स्टील पांच वर्षों में 40 मिलियन टन स्टील उत्पादन का लक्ष्य रखा है.

झारखंड में तीन इन्वेस्टमेंट पर चल रहा है काम

रांची के सीआरइ कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान सर्वेश कुमार ने बताया कि दावोस और दिल्ली में हुए एमओयू के बाद कंपनी झारखंड में निवेश पर काम कर रही है. टीन प्लेट में 2600 करोड़ के निवेश के साथ विस्तारीकरण किया जा रहा है. 2028 में यह काम पूरा हो जायेगा. कौंबी मिल पर 1500 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है.

यह काम आरंभ हो गया है. हिसारना टेक्नोलॉजी के साथ ग्रीन स्टील के उत्पादन पर 7000 करोड़ रुपये का निवेश किया जायेगा. यह 2029-30 तक पूरा हो जायेगा. उन्होंने बताया कि इन तीनों परियोजनाओं में 2000 अतिरिक्त लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे.

लीज पर सरकार से चल रही है बात

टाटा स्टील जमशेदपुर के लीज की अवधि 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो गया है. सर्वेश कुमार ने कहा कि लीज की अवधि बढ़ाने के मुद्दे पर सरकार से बात चल रही है. विजय टू माइंस के लीज पर भी बातचीत चल रही है. उन्होंने कहा कि सीएसआर मद में टाटा स्टील ने 485 करोड़ रुपये खर्च किये हैं. जिसके लाभुक 60 लाख हैं. मौके पर झारखंड के चीफ रेसीडेंट एक्जीक्यूटिव अरविंद कुमार सिन्हा, हेड कॉरपोरेट अफेयर्स राजेश राजन, आरइ अपूर्व समेत अन्य लोग उपस्थित थे.


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लेखक के बारे में

25 वर्षों से पत्रकारिता कर रहा हूँ.हार्ड न्यूज़ से राजनीतिक खबर करता रहा हूँ.वर्तमान में मुख्यमंत्री, पावर,इंडस्ट्रीज, माइंस संबंधित मामलों पर रिपोर्ट करता हूँ. बीबीसी,पैनोस और झारखंड सरकार से फेलोशिप ले चुका हूँ।कई बार अवार्ड ले चुका हूँ.
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