रांची. रांची विवि में पीएचडी नामांकन प्रक्रिया को लेकर गठित समिति ने बैठक कर निर्णय लिया है कि जिन अभ्यर्थियों ने पूर्व में निर्धारित प्रावधानों के अंतर्गत पीएचडी कोर्स वर्क सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है. साथ ही यदि उनका चयन पीएचडी कार्यक्रम में होता है, तो रजिस्ट्रेशन के बाद उन्हें पुन: पीएचडी कोर्स वर्क करने से नियमानुसार छूट प्रदान की जायेगी.
इसके अलावा नेट की वैधता से संबंधित अभ्यावेदनों पर भी समिति ने विचार किया. समिति ने निर्णय लिया कि ऐसे अभ्यर्थी जिनकी एक वर्ष की नेट वैधता जुलाई 2026 से सितंबर 2026 के बीच समाप्त हुई है, उनके मामले में भी नियमानुसार विचार करते हुए उन्हें पीएचडी कार्यक्रम में रजिस्ट्रेशन के लिए पात्र माना जायेगा.
शर्त यह होगी कि वे अन्य निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करते हों और चयन प्रक्रिया में मेरिट के आधार पर चयनित हों. बैठक में यह भी निर्णय लिया गया है कि पीएचडी नामांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता, समान अवसर तथा विवि के निर्धारित नियमों व विनियमों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा.
सभी विभागों में स्वीकृत सीटों के विरुद्ध पात्र अभ्यर्थियों की मेरिट सूची संबंधित नियमों के अनुसार तैयार की जायेगी. विवि में पीएचडी रेगुलेशन 2026 के तहत 331 सीटों के लिए लगभग 1500 आवेदन आये हैं.
