Ranchi news : नये साल में अधूरे रवींद्र भवन के पूरा होने की उम्मीद

लगभग दो वर्ष तक काम बंद रहने के बाद मंत्रिपरिषद ने रवींद्र भवन के लिए अगस्त 2024 में 292.26 करोड़ रुपये के पुनरीक्षित प्राक्कलन को मंजूरी दी थी.

रांची. राजधानी के कचहरी चौक पर टाउन हॉल को रवींद्र भवन के रूप में पुनर्निर्मित करने का काम नये वर्ष में पूरा होने की उम्मीद है. लगभग दो वर्ष तक काम बंद रहने के बाद मंत्रिपरिषद ने रवींद्र भवन के लिए अगस्त 2024 में 292.26 करोड़ रुपये के पुनरीक्षित प्राक्कलन को मंजूरी दी थी. कैबिनेट ने पुनरीक्षित प्राक्कलन में से 22 करोड़ रुपये आवंटित करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृत किया था. नगर विकास विभाग राशि आवंटन की प्रक्रिया पूरी कर रहा है. राशि आवंटन के बाद तीन महीने में विभाग ने कार्य पूरा कराने का दावा किया है. रवींद्र भवन के निर्माण के लिए 155.11 करोड़ रुपये पर मेसर्स रामकृपाल कंस्ट्रक्शन प्रालि के साथ एकरारनामा किया गया है. टाउन हॉल को रवींद्र भवन में बदलने का यह प्रोजेक्ट सात साल पहले वर्ष 2017 में आरंभ किया गया था. इसे दो वर्षों में यानी साल 2019 तक ही तैयार कर लेना था. हालांकि, राशि के अभाव में यह अब तक अधूरा ही है.

1500 लोगों की क्षमता वाला कम्युनिटी हॉल, 1200 दर्शकों का ऑडिटोरियम

भव्य रवींद्र भवन का निर्माण 12480 स्क्वायर फीट में हो रहा है. भवन में 1500 लोगों की क्षमता वाला कम्युनिटी हॉल होगा. जहां बड़े कार्यक्रमों का आयोजन हो सकेगा. हॉल की खासियत यह है कि इसे तीन हिस्सों में बांटा जा सकता है. इसके अलावा सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए 1200 लोगों की क्षमता वाले ऑडिटोरियम का भी निर्माण कराया गया है. भवन में बाहर से आनेवाले अतिथियों और कलाकारों के लिए 24 कमरे बनाये गये हैं. वहां जिम, फूड कोर्ट, लाइब्रेरी और म्यूजिक रूम का भी निर्माण किया जा रहा है. रवींद्र भवन में राजधानी की सबसे बड़ी पार्किंग भी होगी. यहां 240 कार और 350 टू व्हीलर की पार्किंग एक साथ की जा सकेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >