Ranchi News: कडरू न्यू एजी कॉलोनी में युवक ने फांसी लगाकर दी जान, मां और बहन ने खाया जहर

Ranchi News: कडरू के न्यू एजी कॉलोनी में एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. इसके बाद युवक की मां और उसकी बहन ने भी जहर खा लिया. दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

By AmleshNandan Sinha | February 2, 2026 8:36 PM

Ranchi News: राजधानी रांची के अरगोड़ा थाना क्षेत्र स्थित एजी कॉलोनी में आर्थिक तंगी और कर्ज के दबाव से जूझ रहे एक परिवार ने बेहद दर्दनाक कदम उठा लिया. रविवार की रात मां, बेटा और बेटी ने एक साथ डिप्रेशन की दवा खाकर आत्महत्या की कोशिश की. दवा का असर पूरी तरह नहीं होने पर सोमवार सुबह बेटे की नींद खुली और उसने घर के ड्राइंग रूम में पंखे से फांसी लगाकर अपनी जान दे दी. मां और बहन बेहोशी की हालत में मिलीं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. कुछ होश में आने के बाद बेटी सौम्या ने पुलिस को बताया कि रविवार की रात मां, भाई और उसने एक साथ 17-17 पत्ती डिप्रेशन की दवा खा ली थी. परिवार लंबे समय से आर्थिक तंगी और कर्ज के बोझ से परेशान था. पुलिस ने मौके से डिप्रेशन की दवा के खाली पत्ती बरामद कर ली है. बताया जा रहा है कि स्नेहा अखौरी पूर्व से ही डिप्रेशन की दवा ले रही थीं. हालांकि, मौके से किसी भी प्रकार का सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है.

पंखे से लटका मिला युवक का शव

यह घटना अरगोड़ा थाना क्षेत्र के एजी कॉलोनी स्थित आवास संख्या 245 में सोमवार दोपहर करीब दो बजे सामने आयी. मृतक मिहिर शेखर (24 वर्ष) पेशे से कॉस्ट मैनेजमेंट अकाउंटेंट था. वह कोलकाता की एक कंपनी में नौकरी करता था, लेकिन कुछ माह पहले नौकरी छोड़कर रांची लौट आया था. सोमवार को जब परिचित घर पहुंचे तो दरवाजा अंदर से बंद मिला. कई बार आवाज देने के बाद भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली. आशंका होने पर अरगोड़ा पुलिस को सूचना दी गयी. पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा खोला. अंदर ड्राइंग रूम में मिहिर शेखर का शव पंखे से लटका मिला. वहीं कमरे में उसकी मां स्नेहा अखौरी (50 वर्ष) और बहन सौम्या (16 वर्ष) अचेत अवस्था में पायी गयीं.

दोनों को पुलिस द्वारा गुरुनानक अस्पताल ले जाया गया, जहां से देर शाम सैम्फोर्ड अस्पताल में भर्ती कराया गया. घटना की सूचना पर एफएसएल की टीम भी मौके पर पहुंची और साक्ष्य एकत्र किए. पुलिस ने शव को फंदे से उतारकर पंचनामा किया और पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेज दिया है. मां और बेटी के पूरी तरह होश में आने के बाद घटना के कारणों को लेकर और विस्तृत जानकारी मिलने की उम्मीद है.

परिवार पर था कर्ज का बोझ

मृतका स्नेहा अखौरी दो-तीन वर्ष पूर्व तक रांची सिविल कोर्ट में बतौर अधिवक्ता प्रैक्टिस करती थीं. बेटी सौम्या डीएवी स्कूल में नौवीं कक्षा की छात्रा है. पिता की मौत 10 से 12 वर्ष पहले हो चुकी थी, जिसके बाद परिवार की जिम्मेदारी मिहिर पर आ गयी थी. जानकारों के अनुसार, परिवार ने मौसी की बीमारी के इलाज सहित अन्य जरूरतों के लिए कर्ज लिया था. लगातार बढ़ते आर्थिक दबाव और आय के सीमित साधनों के कारण परिवार गहरे तनाव में था. इसी मानसिक दबाव के चलते पूरे परिवार ने यह कठोर कदम उठाने की कोशिश की.

प्रभात खबर की अपील

यह खबर अत्यंत संवेदनशील विषय से जुड़ी है. आत्महत्या किसी भी समस्या का समाधान नहीं है. इस खबर को प्रकाशित करने का हमारा उद्देश्य समाज का ध्यान उस मानसिक, आर्थिक और भावनात्मक दबाव की ओर दिलाना है, जो किसी व्यक्ति या परिवार को इस हद तक तोड़ सकता है. हमारा मानना है कि इस तरह की घटनाओं पर चुप्पी साधना समाधान नहीं है. जागरूकता, संवाद और समय पर मदद ही ऐसे त्रासद कदमों को रोक सकती है. यदि आप या आपके आसपास कोई मानसिक तनाव से जूझ रहा है, तो परिजनों, मित्रों या विशेषज्ञ से तुरंत सहायता लें.

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