अवैध वाटर कनेक्शन पर नगर निगम सख्त, जलापूर्ति नेटवर्क की होगी जांच

रांची नगर निगम ने शहर में जलापूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने और अवैध जल कनेक्शनों पर रोक लगाने के लिए कमर कस ली है. अपर नगर आयुक्त की अध्यक्षता में हुई बैठक में व्यवस्था की बारीकी से जांच के निर्देश दिए गए. जल संकट से जूझ रहे नागरिकों के लिए एक टोल फ्री नंबर भी जारी किया गया है.

रांची में जलापूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने और अवैध जल कनेक्शनों पर रोक लगाने के लिए रांची नगर निगम ने सख्ती शुरू कर दी है. बुधवार को अपर नगर आयुक्त संजय कुमार की अध्यक्षता में नगर निगम की जलापूर्ति शाखा और पीएचइडी के अभियंताओं की समीक्षा बैठक हुई. इसमें जलापूर्ति व्यवस्था, वाटर लीकेज, दूषित पानी की शिकायतें, खराब चापाकलों की स्थिति और अवैध वाटर कनेक्शनों की विस्तार से जांच की गयी.

वार्डों में गंदे पानी की शिकायत पर एक्शन

अपर नगर आयुक्त ने वार्ड संख्या 18 समेत अन्य प्रभावित इलाकों में दूषित जलापूर्ति की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पीएचइडी और नगर निगम की संयुक्त टीम को पूरे जलापूर्ति नेटवर्क की प्वाइंट-टू-प्वाइंट जांच करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि समस्या के वास्तविक कारणों की पहचान कर उसका स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाये. जलापूर्ति व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी.

जल समस्या के लिए टोल फ्री नंबर जारी

बैठक में उन्होंने राइजिंग लाइन से लिए गये अवैध वाटर कनेक्शनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने का भी निर्देश दिया. इसके लिए सभी वार्डों में विशेष धावा दल के माध्यम से ऐसे कनेक्शनों को चिह्नित कर दोषियों पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया. अपर नगर आयुक्त ने कहा कि शहर के नागरिकों को अगर जलापूर्ति से संबंधित किसी भी प्रकार की परेशानी है तो वे टोल फ्री नंबर 18005701235 पर शिकायत दर्ज करायें, ताकि शिकायत का शीघ्र समाधान किया जा सके.

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Published by: Bhumi Sharma

भूमि शर्मा पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के साथ बतौर कंटेंट राइटर जुड़ी हुई हैं. वर्तमान में वह मुख्य रूप से जमशेदपुर और उसके आसपास के क्षेत्रों की खबरों को कवर करती हैं. इससे पहले वह एजुकेशन बीट और झारखंड बीट पर भी काम कर चुकी हैं, जहां उन्होंने शैक्षणिक बदलावों और राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर लेखन किया है।

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