पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय और महुआ माजी ने दी ईद की शुभकामनाएं, रांची में धूमधाम से मना त्योहार

Ranchi Eid Celebration: रांची में ईद का त्योहार धूमधाम से मनाया गया, जहां सुबोधकांत सहाय और महुआ माजी ने लोगों को बधाई दी. ईद और सरहुल के संगम ने गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश की. शहर में भाईचारे का माहौल दिखा और सेवा शिविरों में लोगों के बीच शरबत, फल और सेवई बांटी गई. इससे संबंधित पूरी खबर नीचे पढ़ें.

रांची से राजकुमार लाल की रिपोर्ट

Ranchi Eid Celebration: झारखंड की राजधानी रांची में ईद का त्योहार बड़े ही धूमधाम और उल्लास के साथ मनाया गया. सुबह से ही मस्जिदों और ईदगाहों में नमाजियों की भीड़ उमड़ पड़ी. नमाज अदा करने के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी. पूरे शहर में आपसी सौहार्द और भाईचारे का माहौल देखने को मिला. इस मौके पर पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय और राज्यसभा सांसद महुआ माजी ने लोगों को ईद की शुभकामनाएं दी.

सबको जोड़ने का काम करती है ईद: सुबोधकांत सहाय

इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने लोगों को ईद की बधाई देते कहा कि ईद खुशी और आपसी प्रेम का त्योहार है. नमाज के बाद लोगों ने देश, दुनिया और झारखंड की खुशहाली के लिए दुआ मांगी. उन्होंने कहा कि लोगों के चेहरों पर मुस्कुराहट इस बात का प्रमाण है कि यह त्योहार सबको जोड़ने का काम करता है.

महुआ माजी ने सौहार्द पर दिया जोर

झारखंड की राज्यसभा सांसद महुआ माजी ने भी लोगों को ईद की बधाई देते हुए कहा कि रांची समेत पूरे राज्य में लोग सौहार्दपूर्ण माहौल में ईद मना रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह त्योहार हमें एक-दूसरे के करीब लाने का अवसर देता है और समाज में प्रेम और एकता को मजबूत करता है.

ईद और सरहुल का अनोखा संगम

सुबोधकांत सहाय ने कहा कि इस बार ईद और सरहुल जैसे दो महत्वपूर्ण त्योहार एक ही दिन मनाए जा रहे हैं. यह भारत की गंगा-जमुनी तहजीब का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि यही हमारी संस्कृति और परंपरा है, जहां अलग-अलग धर्म और समुदाय मिलकर त्योहार मनाते हैं.

हरमू ईदगाह में शांतिपूर्ण ढंग से अदा हुई नमाज

रांची के हरमू ईदगाह में अंजुमन के सचिव डॉ तारिक हुसैन की देखरेख में ईद की नमाज शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई. उन्होंने बताया कि सभी के सहयोग से तय समय पर नमाज पूरी की गई और कहीं भी किसी तरह की कोई परेशानी नहीं हुई.

प्रमुख लोग रहे मौजूद

इस मौके पर मौलाना डॉ असगर मिस्बाही, सेवानिवृत्त प्रोफेसर हरविंदरबीर सिंह, सरफराज अहमद, सुबोधकांत सहाय, महुआ माजी, अंजुमन इस्लामिया के अध्यक्ष मुख्तार अहमद, सचिव डॉ तारिक हुसैन, उपाध्यक्ष नौशाद, वसीम अकरम, नदीम अख्तर, शाहिद अख्तर टुकलू सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे.

सेवा शिविरों में बांटे गए शरबत और सेवई

ईद के अवसर पर शहर के विभिन्न स्थानों पर सेवा शिविर लगाए गए थे. इन शिविरों में लोगों को शरबत, पानी और फल वितरित किए गए. डोरंडा क्षेत्र में विशेष रूप से सेवई बांटी गई. इस दौरान कांग्रेस नेता आलोक दुबे और जेएससीए अध्यक्ष अजयनाथ शाहदेव सहित कई लोग मौजूद रहे.

एकता और प्रेम का संदेश

ईद का यह पर्व एक बार फिर यह संदेश देने में सफल रहा कि विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोग मिलकर समाज में शांति और एकता कायम रख सकते हैं. रांची में इस बार ईद और सरहुल का संगम इस संदेश को और भी मजबूत करता नजर आया.

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बच्चों ने झट से कर दी ईदगाह की सफाई

ईद के मौके पर रांची में एक और अद्भुत मंजर देखने को मिला. वह यह कि शिविरों में जहां एक ओर गरीब-गुरबा के बीच सेवइयां बांटी गईं, वहीं ईदगाह में कचरा चूनने वाले बच्चों ने ईद की नमाज के बाद से ही पानी की बोतलों और अन्य कचरों की झटपट सफाई कर दी. ईदगाह के अंदर जितना भी कचरा पड़ा था, बच्चों ने उन सबकी सफाई कर दी.

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लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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