रांची: अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ की बैठक, दिसंबर में 10 हजार कर्मचारियों के साथ प्रोजेक्ट भवन के समक्ष प्रदर्शन का ऐलान

झारखंड अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ ने दिसंबर में 10 हजार कर्मचारियों के साथ प्रोजेक्ट भवन के समक्ष प्रदर्शन का निर्णय लिया है. लंबित मांगों और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के मुद्दों पर जोर दिया जाएगा.

रांची: झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ की बैठक शनिवार को डोरंडा स्थित महासंघ कार्यालय में हुई. बैठक की अध्यक्षता उपाध्यक्ष सुधीर थापा और अरविंद कुमार ने की. इसमें विभिन्न विभागों के कर्मचारी नेताओं ने कर्मचारियों की समस्याओं और लंबित मांगों पर चर्चा की.

10 हजार कर्मचारियों के साथ प्रोजेक्ट भवन के समक्ष प्रदर्शन

बैठक में सर्वसम्मति से दिसंबर में 10 हजार कर्मचारियों के साथ प्रोजेक्ट भवन के समक्ष प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया. महासंघ के महासचिव भूषण कुमार ने कहा कि 10 अगस्त को कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर विधानसभा के समक्ष धरना दिया गया था. इसके अलावा निदेशक प्रमुख, स्वास्थ्य सेवाएं के समक्ष भी धरना दिया गया, लेकिन सहमति बनने के बावजूद मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई. उन्होंने कहा कि अनुबंध और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का पांच से छह महीने का वेतन बकाया है. महासंघ ने इस मामले में सरकार से जल्द कार्रवाई की मांग की है.

आउटसोर्सिंग कर्मियों की मांगों पर आंदोलन

सम्मानित अध्यक्ष गोपाल शरण सिंह ने केंद्र सरकार के कर्मचारी विरोधी रवैये के खिलाफ अक्तूबर में रांची में विरोध कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही. वहीं महेश कुमार सिंह ने कहा कि पेंशन में बदलाव का प्रयास किया जा रहा है. बैठक में सदस्यता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया. साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक प्रमुख से वार्ता करने और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार से बातचीत करने पर सहमति बनी.

ये भी पढ़ें: JPSC-JSSC भर्ती घोटाला: बाबूलाल मरांडी ने सरकार के हलफनामे पर उठाए सवाल, कहा- पूरी प्रक्रिया दूषित तो पहले कोर्ट से क्यों छिपाए तथ्य? CBI जांच की मांग

शोषण पर रोक लगाने की मांग

महासंघ ने आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए 32 हजार रुपये मानदेय, विशेष अवकाश, मातृत्व अवकाश और साल में 18 दिनों की छुट्टी देने की मांग की. इसके अलावा कर्मचारियों के कथित शोषण पर रोक लगाने की मांग को लेकर आंदोलन करने का निर्णय लिया गया. बैठक में जितवाहन उरांव, विनोद तिग्गा, मनीष कुमार, उज्ज्वल गौरव, रवि रंजन त्रिपाठी, बोनिफास कुजूर, चंद्रदीप ठाकुर, प्रेम गुप्ता, देवनाथ राय, लखन कुमार, रूपलाल भगत, श्यामलाल चौधरी, मीरा कुमारी, सुनील कुमार, हिमांशु शेखर सिन्हा, वंदना राय, अजय कुमार साव, सद्दाम हुसैन, अजय मिश्रा, शमशाद अंसारी, पंकज उरांव, सुनील मरांडी समेत अन्य कर्मचारी नेता मौजूद थे.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Manoj Kumar Singh

मनोज सिंह प्रभात खबर में बतौर मुख्य संवाददाता कार्यरत है. पत्रकारिता में उनका 26 साल का अनुभव है. दैनिक हिन्दुस्तान में करीब आठ साल काम करने के बाद वह प्रभात खबर से जुड़े हैं. कृषि, पशुपालन, सहकारिता, वन, जलवायु परिवर्तन, आजीविका, मनोरोग, कोयला संबंधी खबरों में वर्षों काम करने का अनुभव है.

आइआइटी कानपुर से जस्ट ट्रांजिशन विषय पर फेलोशिप प्राप्त करने वाले देश के पहले संवाददाता है. उनको दो बार एग्रई जर्निलिज्म अवार्ड मिल चुका है. झारखंड सरकार के वन विभाग से तिलका मांझी अवार्ड मिला है. कई मचों पर वह प्रभात खबर का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. कई राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला में हिस्सा ले चुके हैं.


📩 संपर्क. manoj.singh@prabhatkhabar.in

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >