भाकपा माओवादियों के मददगार राजेश देवगम के खिलाफ एनआईए ने रांची में दायर की चार्जशीट

NIA Files Chargesheet in Ranchi Court: प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी के एक मददगार के खिलाफ एनआईए ने चार्जशीट दाखिल की है. चार्जशीट रांची की अदालत में दाखिल की गयी है. पश्चिमी सिंहभूम के राजेश देवगम पर आरोप है कि वह आतंकवादी कृत्यों में लिप्त रहा है. उसने मिसिर बेसरा जैसे प्रमुख नक्सली की मदद की है.

NIA Files Chargesheet in Ranchi Court: नेशनल इन्वेस्टिगेशन अथॉरिटी (एनआईए) ने प्रतिबंधित संगठन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी- माओवादी (भाकपा-माओवादी) के झारखंड में सक्रिय रहे एक कार्यकर्ता के खिलाफ गुरुवार 3 जुलाई 2025 को हथियार रखने, रंगदारी वसूलने और प्रतिबंधित संगठन के काडर को शरण देने के मामले में आरोपपत्र दाखिल किया. एनआईए की ओर से बयान जारी कर यह जानकारी दी गयी है. इसमें कहा गया है कि झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के निवासी राजेश देवगम के खिलाफ रांची स्थित विशेष एनआईए कोर्ट में पूरक आरोपपत्र दायर किया गया.

राजेश देवगम के खिलाफ लगाये गये हैं ये आरोप

चार्जशीट में देवगम के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), शस्त्र अधिनियम, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाये गये हैं. एनआईए ने कहा है कि आरोपपत्र उस मामले में दायर किया गया है, जो मूल रूप से स्थानीय पुलिस ने 5 लोगों के खिलाफ दर्ज किया था. मामला मार्च 2024 में भाकपा (माओवादी) के प्रमुख सदस्य मिसिर बेसरा से संबंधित भारी मात्रा में धन और विभिन्न आपत्तिजनक सामग्रियों की बरामदगी से संबंधित था.

‘आतंकवादी कृत्यों को अंजाम देने में लिप्त था देवगम’

एनआईए ने कहा है कि जुलाई 2024 में जांच का जिम्मा संभालने वाली एनआईए ने पाया कि देवगम आतंकवादी कृत्यों को अंजाम देने, बैठकें आयोजित करने और ठेकेदारों और व्यापारियों से धन उगाही करने संबंधी प्रतिबंधित संगठन की आपराधिक साजिश में सक्रिय रूप से सहयोग कर रहा था.

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देवगम के खुलासे के बाद मिले विस्फोटक और रुपए

एनआईए ने कहा कि देवगम के खुलासे के बाद जिलेटिन की छड़ें, 10.5 लाख रुपए नकद, एक वॉकी-टॉकी, एक सैमसंग टैबलेट, एक पावर बैंक, एक रेडियो सेट, जबरन वसूली की रसीदें और अन्य आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गयी. ये सामग्री हुसीपी और राजाभासा गांवों के बीच के वन क्षेत्रों में छिपाकर रखी गयी थी.

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By Mithilesh Jha

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