रांची: 12वें राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर शुक्रवार को रातू रोड स्थित उद्योग भवन में राज्य हथकरघा, रेशम एवं हस्तशिल्प निदेशालय तथा वस्त्र मंत्रालय के वीवर्स सर्विस सेंटर के संयुक्त तत्वावधान में राज्यस्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में हथकरघा क्षेत्र के विकास, बुनकरों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने और उनकी बाजार तक पहुंच बढ़ाने पर जोर दिया गया।
गोड्डा में नए प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन
मुख्य अतिथि उद्योग विभाग की निदेशक प्रीति रानी ने वर्चुअल माध्यम से गोड्डा जिले के भगैया में नए प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन किया। उन्होंने एक वर्षीय कौशल उन्नयन प्रशिक्षण कार्यक्रम की जानकारी लेते हुए कहा कि राज्य सरकार बुनकरों की उत्पादकता बढ़ाने और उन्हें नई तकनीकों से जोड़ने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है।
झारक्राफ्ट के माध्यम से बाजार तक पहुंचाने की पहल
प्रीति रानी ने कहा कि हथकरघा जनगणना के अनुसार झारखंड की स्थिति देश में बेहतर है। सरकार नई तकनीक अपनाने, अन्य राज्यों के साथ तकनीकी आदान-प्रदान और झारक्राफ्ट के माध्यम से हथकरघा एवं हस्तशिल्प उत्पादों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की दिशा में प्रयासरत है।
सरकारी योजनाओं की दी गई जानकारी
वीवर्स सर्विस सेंटर के उप निदेशक प्रियदर्शी दरिपा ने राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के महत्व और केंद्र की गतिविधियों की जानकारी दी। तकनीकी अधीक्षक पूरन मल सैनी ने वस्त्र मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं की जानकारी साझा की। वहीं एनएचडीसी के उप प्रबंधक सुभोजीत दास ने रॉ मैटेरियल सप्लाई स्कीम के लाभ बताए। उद्योग विभाग के ओएसडी अमित कुमार ने झारखंड के हथकरघा उत्पादों की बाजार क्षमता बढ़ाने के लिए राज्य सरकार की पहल पर प्रकाश डाला।
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19 बुनकरों को मिला पहचान पत्र
कार्यक्रम के दौरान बरगाई क्षेत्र के 19 बुनकरों को हैंडलूम वीवर पहचान पत्र वितरित किए गए। इस अवसर पर बुनकरों ने अपनी समस्याएं और सुझाव भी अधिकारियों के समक्ष रखे। समारोह में वीवर्स सर्विस सेंटर द्वारा विकसित कपड़ों के नमूनों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। कार्यक्रम में करीब 95 बुनकर, उद्यमी और डिजाइनरों ने भाग लिया।
