झारखंड की 779 पंचायतों में मनरेगा से आंगनबाड़ी केंद्रों और अन्य ग्रामीण संपत्तियों का निर्माण

MNREGA Jharkhand: महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत राज्य की 779 पंचायतों में आंगनबाड़ी केंद्रों और अन्य ग्रामीण आधारभूत संरचनाओं का निर्माण वर्ष 2025-26 में हुआ है. कई ऐसे भी जिले हैं, जहां मनरेगा योजना के तहत इस वित्तीय वर्ष में कोई काम नहीं है. जी हां, रामगढ़ और खूंटी जिले में मनरेगा के तहत कोई काम अब तक नहीं हुआ है. कहां कितनी योजनाओं पर काम होगा, यहां देखें.

MNREGA Jharkhand: महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत झारखंड सरकार ने 24 जिलों की 779 ग्राम पंचायतों में आंगनबाड़ी केंद्र और अन्य ग्रामीण इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण कराया गया है. खूंटी और रामगढ़ 2 ऐसे जिले हैं, जहां मनरेगा योजना से वर्ष 2025-26 में आंगनबाड़ी केंद्र या ग्रामीण आधारभूत ढांचे का निर्माण नहीं कराया गया. यहां मनरेगा के तहत ली गयी योजनाओं की संख्या 0 (शून्य) रही.

हजारीबाग में सबसे ज्यादा 82 योजना, खूंटी-रामगढ़ में शून्य

हजारीबाग में सबसे ज्यादा 82, गिरिडीह में 80, गोड्डा में 63, सिमडेगा, रांची, जामताड़ा, चतरा जिले में 50 से अधिक मनरेगा की योजनाएं ली गयीं. बोकारो जिले में 9, देवघर में 26, दुमका में 15, पूर्वी सिंहभूम में 5, गढ़वा में 14, गुमला में 42, कोडरमा में 13, लातेहार में 18, लोहरदगा में 7, पाकुड़ में 31, पलामू में 43, साहिबगंज में 8, सरायकेला-खरसावां में 29 और पश्चिमी सिंहभूम में 31 योजनाएं ली गयीं. सिमडेगा में 55, रांची में 55, जामताड़ा में 52 और चतरा जिले में 50 योजनाओं को मनरेगा योजना के तहत पूरा किया गया.

MNREGA Jharkhand: बोकारो की 9 ग्राम पंचायतों में हुए काम

बोकारो जिले के नावाडीह में 4, पेटरवार में 1, चास में 2, गोमिया और चंदनकियारी में 1-1 योजना ली गयी. बेरमो, चंद्रपुरा, जारीडीह और कसमार ऐसे प्रखंड रहे, जिसके किसी ग्राम पंचायत में मनरेगा से कोई काम नहीं हुआ.

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पूर्वी सिंहभूम के 3 प्रखंड की 5 पंचायतों में नरेगा से हुआ काम

पूर्वी सिंहभूम जिले के 11 प्रखंडों में से 3 प्रखंड की 5 पंचायतों में मनरेगा योजना से काम हुए. वह भी सिर्फ 5. बहरागोड़ा में 1, धालभूमगढ़ में 2 और पोटका प्रखंड की 2 ग्राम पंचायतों में मनरेगा योजना से आंगनबाड़ी केंद्र या ग्रामीण आधारभूत ढांचा का निर्माण हुआ., बोराम, चाकुलिया, डमरिया, घाटशिला, गोलमुड़ी सह जुगसलाई, गुड़ाबांधा, मुसाबनी और पटमदा प्रखंड में मनेरगा से कोई काम नहीं हुआ.

साहिबगंज जिले में सिर्फ 9 योजनाएं ली गयीं

साहिबगंज जिले में 9 योजनाएं ली गयीं. बरहेट प्रखंड में सबसे ज्यादा 5, मंडरो में 3 और साहिबगंज में 1 योजना पर काम हुआ. बरहरवा, बोरियो, पतना, राजमहल, तालझारी और उधवा में कोई योजना नहीं ली गयी.

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लोहरदगा जिले में सबसे ज्यादा 4 काम कस्को प्रखंड में

लोहरदगा जिले में 7 प्रखंडों की ग्राम पंचायतों में मनरेगा योजना से काम कराये गये. सबसे ज्यादा 4 योजना किस्को प्रखंड में ली गयी. लोहरदगा में 2 और कुड़ू प्रखंड में 1 योजना पर काम हुआ. भंडरा, कैरो, पेशावर और सेन्हा ऐसे प्रखंड हैं, जिसको मनरेगा योजना के तहत कोई काम नहीं मिला.

किस जिले की कितनी ग्राम पंचायतों में हुआ काम

क्रमजिला का नामयोजना की संख्या
1बोकारो9
2चतरा50
3देवघर26
4धनबाद51
5दुमका15
6पूर्वी सिंहभूम5
7गढ़वा14
8गिरिडीह80
9गोड्डा63
10गुमला42
11हजारीबाग82
12जामताड़ा52
13खूंटी0
14कोडरमा13
15लातेहार18
16लोहरदगा7
17पाकुड़31
18पलामू43
19रामगढ़0
20रांची55
21साहिबगंज8
22सारायकेला-खरसावां29
23सिमडेगा55
24पश्चिमी सिंहभूम31
कुल779
स्रोत : nregastrep.nic.in

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By Mithilesh Jha

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