कांग्रेस ओबीसी विभाग की कार्यसमिति में बोले कमलेश : पिछड़ा वर्ग में पकड़ बनायें, ग्रामीण इलाके में मेहनत करें

Jharkhand Politics News: झारखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने ओबीसी कार्यसमिति की बैठक में पार्टी के पदाधिकारियों को नसीहत दी कि पार्टी को मजबूत करने के लिए पंचायत स्तर पर मजबूत करें.

Jharkhand Politics News: झारखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा है कि पार्टी को प्रखंड और पंचायत स्तर पर मजबूत करें. बूथ लेवल पर जोर लगाने की जरूरत है. अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) में पार्टी जितनी मजबूत होगी, राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी उतनी ही सशक्त बनेगी. ओबीसी विभाग के पदाधिकारी ग्रामीण इलाकों में मेहनत करें. वह सोमवार को ओबीसी विभाग की कार्यसमिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे.

‘ओबीसी की सभी उपजातियों की भागीदारी करनी होगी सुनिश्चित’

उन्होंने कहा कि ओबीसी जाति में बहुत सारी उपजातियां हैं. सभी लोगों की भागीदारी सुनश्चिति करनी होगी. प्रखंड से लेकर जिला तक में हर महीने बैठक होनी चाहिए. मौके पर ओबीसी विभाग के राष्ट्रीय को-ऑर्डिनेटर झारखंड प्रभारी राजकिशोर बारिक मौजूद थे. बारिक ने कहा कि पार्टी हाई कमान का मानना है कि जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी हो. उन्होंने कहा कि वह पूरे राज्य का दौरा करेंगे. संगठन को मजबूत करने के लिए मिलकर काम करना है.

बैठक को ओबीसी विभाग के अध्यक्ष ने भी किया संबोधित

ओबीसी विभाग के अध्यक्ष अभिलाष साहू ने कहा कि संगठन की मजबूती के लिए जिला का प्रभारी बनाकर बूथ स्तर तक संगठन खड़ा करना है. प्रदेश नेतृत्व से मिलने वाले निर्देश को पूरा करने के लिए पूरी टीम जुट जाये. बैठक में मुख्य रूप से जिला अध्यक्ष डॉ राकेश किरण महतो, धर्मेंद्र सोनकर, राजेश चंद्र राजू, अश्वनी कुमार आनंद, परवेज आलम, रेणु देवी, अजय कुमार यादव, निजाम अंसारी, प्रदीप साहू, संतोष महतो, राजेश वर्मा, दीपक कुमार सहित कई पदाधिकारी शामिल हुए.

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कांग्रेस नेता अरुण श्रीवास्तव के निधन पर जताया शोक

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश समेत कई नेताओं ने पार्टी के वरिष्ठ नेता अरुण श्रीवास्तव के निधन पर शोक जताया है. कमलेश ने कहा कि हमने संगठन और पार्टी के लिए सदैव संघर्ष करने वाले जुझारू साथी को खो दिया है. यह अपूरणीय क्षति है. इस दुख की घड़ी में कांग्रेस पार्टी दिवंगत अरुण श्रीवास्तव के परिवार के साथ है.

चुनाव प्रबंधन में अरुण श्रीवास्तव को हासिल थी महारत – सुबोध कांत

पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने कहा कि अरुण श्रीवास्तव के साथ लंबे समय तक काम करने का मौका मिला. चुनावी प्रबंधन में इन्हें महारथ हासिल थी. शोक व्यक्त करने वालों में अनादि ब्रह्म, प्रदीप तुलस्यान, राकेश सिन्हा, रविंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह, राजीव रंजन प्रसाद, सतीश पॉल मुंजनी, सोनल शांति, आभा सिन्हा, अभिलाष साहू, राजेश सिन्हा सन्नी, राजन वर्मा, राजेश चंद्र राजू, रोहित सिन्हा समेत अन्य शामिल हैं.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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