Kal Ka Mausam: लो प्रेशर में बदल रहा बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवात, जानें कैसा रहेगा झारखंड का मौसम

Kal Ka Mausam: बंगाल की खाड़ी में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन के असर से लो प्रेशर एरिया बन रहा है, जिसका असर आने वाले दिनों में देखने को मिलेगा.

Kal Ka Mausam: बंगाल की खाड़ी में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से एक निम्न दबाव का क्षेत्र तैयार हो रहा है, जिसका असर आने वाले दिनों में देखने को मिलेगा. झारखंड में सोमवार को आसमान में बादल छाए रहेंगे. हालांकि, मौसम शुष्क रहेगा. लेकिन, 15 अक्टूबर को झारखंड के दक्षिणी हिस्से में कहीं-कहीं वर्षा होने की संभावना जताई जा रही है.

झारखंड में 5 दिन तक अधिकतम तापमान में नहीं होगा बदलाव

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने यह जानकारी दी है. आईएमडी के रांची स्थित मौसम केंद्र ने कहा है कि झारखंड में अगले 5 दिनों तक अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा. 14 अक्टूबर तक आसमान साफ रहेगा. मौसम शुष्क रहेगा. आंशिक बादल भी छाए रहेंगे.

झारखंड में कहीं-कहीं हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा

पिछले 24 घंटे के मौसम की बात करें, तो झारखंड में कहीं-कहीं बहुत हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा हुई. सबसे अधिक वर्षा सरायकेला-खरसावां जिले के खेरसेमा में हुई. यहां 45.6 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई. गुमला के बिशुनपुर में 0.5 मिलीमीटर वर्षा हुई. सबसे अधिक उच्चतम तापमान बाबानगरी देवघर में रिकॉर्ड किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान रांची में दर्ज किया गया.

देवघर का उच्चतम तापमान 36.1 डिग्री पहुंचा

देवघर का उच्चतम तापमान 36.1 डिग्री सेंटीग्रेड दर्ज किया गया, जबकि रांची के मौसम केंद्र में न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेंटीग्रेड रिकॉर्ड किया गया. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बताया कि मानसून सीजन की समाप्ति के बाद 1 अक्टूबर से 13 अक्टूबर के बीच झारखंड में 22.3 मिलीमीटर वर्षा हुई है, जो सामान्य वर्षापात से 53 फीसदी कम है. इस अवधि में झारखंड में 47.2 मिलीमीटर वर्षा होनी चाहिए.

बंगाल की खाड़ी में बन रहा है निम्न दबाव का क्षेत्र

मौसम विभाग ने कहा है कि बंगाल की खाड़ी के दक्षिणी-पूर्वी हिस्से में और उससे सटे हिंद महासागर में उठा चक्रवात रविवार (13 अक्टूबर) को पश्चिम-पश्चिमोत्तर बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ गया. इसके असर से दक्षिणी बंगाल की खाड़ी के मध्य हिस्से में एक लो प्रेशर एरिया (निम्न दबाव) का क्षेत्र बन रहा है. निम्न दबाव के क्षेत्र (Low Pressure Area) में तब्दील होने के 48 घंटे बाद यह तमिलनाडु, पुडुचेरी और उससे सटे दक्षिणी आंध्रप्रदेश के तटवर्ती इलाकों की ओर बढ़ जाएगा.

झारखंड में नहीं दिख रहा कोई खास सिनॉप्टिक सिस्टम

झारखंड, बिहार के कई हिस्सों से दक्षिणी-पश्चिमी मानसून की वापसी हो चुकी है. समूचे पश्चिम बंगाल और सिक्किम से भी मानसून की विदाई हो गई. इतना ही नहीं, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, के अधिकतर हिस्सों और ओडिशा के अधिकांश भागों से मानसून विदा हो चुका है. झारखंड में कोई खास सिनॉप्टिक सिस्टम नहीं दिख रहा.

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By Mithilesh Jha

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