जेपीएससी को झारखंड हाईकोर्ट से लगा तगड़ा झटका, 342 सीटों के लिए हुई परीक्षा के रिजल्ट पर अपरोक्ष रोक

JPSC News Today: झारखंड हाईकोर्ट से जेपीएससी को तगड़ा झटका लगा है. जेपीएससी 11वीं से 13वीं तक की परीक्षा के बाद 342 सीटों पर हुई नियुक्तियों पर रोक लग गयी है. हाईकोर्ट ने जेपीएससी से कहा है कि कास्ट और कैटेगरीवाइज मेरिट लिस्ट कोर्ट के सामने पेश किया जाये. कोर्ट ने अगली सुनवाई 10 नवंबर तय की है. एक दिव्यांग अभ्यर्थी की याचिका पर हाईकोर्ट ने यह आदेश दिया है.

JPSC News Today| रांची, राणा प्रताप : झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन (जेपीएससी) को झारखंड हाईकोर्ट से गुरुवार (14 अगस्त) को तगड़ा झटका लगा. कोर्ट ने एक दिव्यांग अभ्यर्थी की याचिका पर जेपीएससी 11वीं से 13वीं तक की 342 पोस्ट के लिए हुई परीक्षा के रिजल्ट पर एक तरह से रोक लगा दी है. कोर्ट ने पूरा रिजल्ट मेरिट लिस्ट के साथ मांगा है. कहा है कि जेपीएससी कास्ट और कैटेगरीवाइज कोर्ट के सामने रिजल्ट पेश करे. इस मामले पर अगली सुनवाई 10 नवंबर 2025 को होगी.

दिव्यांग कोटे की 5 सीट पर अन्य को कर दिया बहाल

हाईकोर्ट में दिव्यांग कोटे के अभ्यर्थी राहुल वर्धन ने हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल की थी. उनकी याचिका पर जस्टिस आनंद सेन की अदालत में सुनवाई हुई. कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद उपरोक्त निर्णय दिये. याचिका में दिव्यांग कोटे की 5 सीट पर अन्य लोगों की बहाली पर सवाल उठाये गये थे.

हाईकोर्ट ने कहा- दिव्यांग कोटे की 5 सीटों को करें आरक्षित

सुनवाई के दौरान झारखंड हाईकोर्ट ने पाया कि याचिकाकर्ता की शिकायत सही है. 13 सीटें दिव्यांगों के लिए आरक्षित थीं. इनमें से 8 सीट पर दिव्यांगों को पास किया गया है और 5 सीट पर अन्य लोगों को पास घोषित कर दिया गया है. यह गलत है. कोर्ट ने जेपीएससी से कहा कि दिव्यांग कोटे की 5 सीटों को उनके लिए रिजर्व करें.

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जेपीएससी की बढ़ी मुश्किलें, रिजल्ट में करना होगा संशोधन

इस तरह जेपीएससी की मुश्किलें अब बढ़ गयीं हैं और अपरोक्ष रूप से जेपीएससी 11वीं से 13वीं तक 342 पोस्ट पर हुई परीक्षा के परिणाम पर रोक लग गयी है. जेपीएससी के लिए मुश्किल यह होगी कि जिन 5 लोगों को पास घोषित कर दिया गया है, उनका क्या होगा? किस तरह 5 सीटें दिव्यांगों के लिए आरक्षित की जायेंगी.

क्या है आरक्षण कोटा का नियम

हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान बताया गया कि अगर आरक्षित कोटा में सीटें खाली रह जाती हैं, तो उसे अगले साल के लिए कैरी फॉरवर्ड कर दिया जाता है. इस बार ऐसा नहीं हुआ. इसलिए अब जेपीएससी को इस रिजल्ट को संशोधित करना होगा.

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By Mithilesh Jha

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