झारखंड में कमजोर पड़ा मानसून, 2 सितंबर को बंगाल की खाड़ी में बन रहा नया लो प्रेशर एरिया

Jharkhand Weather News: झारखंड में पिछले 24 घंटे के दौरान मानसून कमजोर रहा. आने वाले दिनों में कहीं भारी बारिश होगी, इसकी संभावना नहीं है, लेकिन कुछ जगहों पर गरज के साथ तेज हवाएं चलेंगी और वज्रपात हो सकता है. मौसम केंद्र रांची ने यह जानकारी दी है. 2 सितंबर को बंगाल की खाड़ी में एक नया लो प्रेशर एरिया बनता दिख रहा है. इसका असर मौसम पर पड़ सकता है.

Jharkhand Weather News: झारखंड में मानसून कमजोर पड़ चुका है. इसकी वजह से पिछले 24 घंटे के दौरान कहीं-कहीं गरज के साथ बहुत हल्के से हल्के दर्जे की वर्षा हुई. सबसे अधिक 13.8 मिलीमीटर वर्षा धनबाद के पंचेत डीवीसी में हुई. मौसम विभाग ने यह जानकारी दी है.

2 सितंबर को बंगाल की खाड़ी में बन रहा नया लो प्रेशर

मौसम विभाग ने कहा है कि 2 सितंबर को बंगाल की खाड़ी और उसके आसपास के क्षेत्रों में फिर से एक नया लो प्रेशर एरिया (निम्न दबाव का क्षेत्र) बन रहा है. इसके असर से झारखंड में कहीं-कहीं तेज हवाओं और गरज के साथ वज्रपात होने की संभावना है.

1 से 4 सितंबर तक गर्जन और तेज हवाओं के साथ वज्रपात

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के रांची स्थित मौसम केंद्र ने कहा है कि 1 सितंबर से 4 सितंबर तक यही हाल रहेगा. यानी कहीं-कहीं गर्जन और तेज हवाओं के साथ वज्रपात होने की संभावना है. कुछ जगहों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं.

3 दिन में अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं

मौसम केंद्र रांची के पूर्वानुमान पदाधिकारी ने कहा है कि अगले 3 दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होने की संभावना है. इसके बाद 2 दिन में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेंटीग्रेड तक कमी आने की संभावना जतायी जा रही है.

झारखंड की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

1 से 4 सितंबर तक रांची में हल्के से मध्यम वर्षा संभव

राजधानी रांची के मौसम पूर्वानुमान में कहा गया है कि 1 से 4 सितंबर तक आसमान में बादल छाये रहेंगे. एक या दो बार हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा होगी. इस दौरान अधिकतम तापमान 31 डिग्री से 28 डिग्री सेंटीग्रेड और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री से 22 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच रहने का अनुमान है.

अगस्त में सामान्य से 13 फीसदी कम बरसा मानसून

अगस्त के महीने में झारखंड में मानसून की बारिश तो हुई है, लेकिन सामान्य से कम. 1 अगस्त से 31 अगस्त के बीच झारखंड में 290.6 मिमी वर्षा को सामान्य वर्षा माना जाता है. इस बार 251.5 मिलीमीटर ही वर्षा हुई है, जो सामान्य से 13 फीसदी कम है. देवघर, गढ़वा, गोड्डा, और पाकुड़ में सामान्य से कम वर्षा हुई है. बाकी जिलों में सामान्य या उससे अधिक वर्षा हुई है.

Jharkhand Weather News: मानसून में 1013.1 मिमी झारखंड में हुई वर्षा

मानसून की बारिश की बात करें, तो 1 जून से 31 अगस्त 2025 के बीच झारखंड में 1013.1 मिलीमीटर वर्षा हो चुकी है, जो इसी समयावधि में सामान्य वर्षापात 798.8 मिलीमीटर की तुलना में 27 प्रतिशत अधिक है. यानी इस बार मानसून 27 फीसदी अधिक बरसा है झारखंड में. राजधानी रांची और धनबाद समेत 10 जिलों में 1000 मिलीमीटर से अधिक वर्षा हो चुकी है.

झारखंड का उच्चतम तापमान 35.9 डिग्री सेंटीग्रेड

झारखंड में पिछले 24 घंटे के दौरान सबसे अधिक उच्चतम तापमान 35.9 डिग्री सेंटीग्रेड और सबसे कम न्यूनतम तापमान 21.3 डिग्री सेंटीग्रेड रिकॉर्ड किया गया. सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान सरायकेला में और सबसे कम न्यूनतम तापमान लातेहार में रिकॉर्ड किया गया.

इन जिलों में 1000 मिमी से ज्यादा बरसा मानसून

जिलावर्षापात
धनबाद1175.4 मिलीमीटर
पूर्वी सिंहभूम1498.4 मिलीमीटर
जामताड़ा1096.3 मिलीमीटर
खूंटी1152.3 मिलीमीटर
लातेहार1228.6 मिलीमीटर
रामगढ़1074.3 मिलीमीटर
रांची1288.7 मिलीमीटर
सरायकेला-खरसावां1323.2 मिलीमीटर
सिमडेगा1095.4 मिलीमीटर
पश्चिमी सिंहभूम1104.6 मिलीमीटर
स्रोत – मौसम केंद्र रांची

24 घंटे के दौरान झारखंड में कहां, कितनी बारिश हुई

केंद्रवर्षापात
पंचेत डीवीसी13.8 मिलीमीटर
बोराम11.6 मिलीमीटर
सरयू10.0 मिलीमीटर
मांडर08.8 मिलीमीटर
पंचेत07.2 मिलीमीटर
सिकटिया06.8 मिलीमीटर
करमाटांड़04.4 मिलीमीटर
रांची03.4 मिलीमीटर
डालटनगंज02.6 मिलीमीटर
बानो सिमडेगा01.5 मिलीमीटर
मंझारी01.2 मिलीमीटर
गढ़वा00.5 मिलीमीटर
सुजनी00.5 मिलीमीटर
स्रोत – मौसम केंद्र रांची

इसे भी पढ़ें

पलायन का दंश झेलता बोकारो का चतरोचट्टी, 3 महीने में ताबूत में लौटे 5 प्रवासी श्रमिक

रांची में मवेशियों में लम्पी वायरस जैसे लक्षण, नमूना एकत्र करने के लिए गांवों में जायेगी टीम

आदिवासी भाषाओं का हिंदी और अंग्रेजी में होगा अनुवाद, 1 सितंबर को आदि वाणी ऐप की लांचिंग

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज बीएस रेड्डी को उपराष्ट्रपति चुनाव लड़ने के लिए किसने किया मजबूर?

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >