संजीव सिंह की रिपोर्ट
झारखंड में प्रशासनिक प्रशिक्षण, उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में आपसी सहयोग को मजबूत करने के लिए केंद्रीय विश्वविद्यालय, झारखंड (सीयूजे) और झारखंड सरकार के श्रीकृष्ण लोक प्रशासन संस्थान (स्किपा) के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया गया. इस एमओयू का उद्देश्य दोनों संस्थानों की विशेषज्ञता और संसाधनों का उपयोग करते हुए संयुक्त प्रशिक्षण, शोध, क्षमता निर्माण, परामर्श और नवाचार से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा देना है.
एमओयू पर सीयूजे के कुलसचिव केके राव और स्किपा की अपर निदेशक सीमा सिंह ने हस्ताक्षर किये. इस अवसर पर श्रीकृष्ण लोक प्रशासन संस्थान के महानिदेशक मनीष रंजन तथा सीयूजे के कुलपति प्रो सारंग मेढेकर सहित सीयूजे के डीन, रिसर्च एंड डेवलपमेंट प्रो मनोज कुमार, व्यवसाय प्रशासन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ नितेश भाटिया, उपकुलसचिव अब्दुल हलीम, स्किपा की संयुक्त निदेशक शालिनी खलखो और शुभ्रा रानी सहित अन्य अधिकारी एवं प्रतिनिधि मौजूद थे.
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कार्यशाला और क्षमता निर्माण कार्यक्रम होंगे आयोजित
कुलपति प्रो मेढेकर के अनुसार दोनों संस्थान प्रशिक्षण की जरूरतों के अनुरूप कार्यशालाएं, क्षमता निर्माण कार्यक्रम, व्याख्यान, परिचर्चा और अन्य शैक्षणिक गतिविधियां आयोजित कर सकेंगे. इससे सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के कौशल एवं कार्यक्षमता को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी.
शोध और नवाचार को मिलेगा प्रोत्साहन
साथ ही दोनों संस्थान संयुक्त रूप से बौद्धिक संपदा के विकास की दिशा में भी कार्य करेंगे. इससे शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में नई संभावनाएं विकसित होंगी तथा विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और शिक्षकों को अपने विचारों एवं शोध परिणामों को व्यावहारिक रूप देने का अवसर मिलेगा.
संयुक्त परामर्श पर भी होगा काम
एमओयू के तहत दोनों संस्थान संयुक्त परामर्श पर भी कार्य कर सकेंगे.
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