रांची. झारखंड राज्य खुला विश्वविद्यालय रांची की पांचवीं कार्यकारी परिषद की बैठक बुधवार को हुई. अध्यक्षता कुलपति प्रो (डॉ.) त्रिवेणी नाथ साहू ने की. कुलसचिव प्रो घनश्याम कुमार सिंह ने विभिन्न प्रस्तावों को प्रस्तुत किया. इस दौरान विश्वविद्यालय के शैक्षणिक और वित्तीय मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई और कई अहम निर्णय लिये गये. परिषद ने 15 जुलाई 2024 और 17 जनवरी 2025 को हुई वित्तीय समिति की सिफारिशों को मंजूरी दी. विवि के वित्तीय नियोजन और बजट से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की गयी. शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मियों के स्वीकृत पदों पर बहाली प्रक्रिया को लेकर सहमति बनी. इससे विवि के शिक्षण कार्य में सुधार होने की उम्मीद है.
कई प्रोग्राम के अप्लाई करने पर सहमति बनी
यूजीसी और दूरस्थ शिक्षा ब्यूरो, नयी दिल्ली को संशोधित प्रोग्राम प्रोजेक्ट रिपोर्ट और सेल्फ लर्निंग मटेरियल के साथ पुनः स्नातक हिंदी, राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र, इतिहास, अंग्रेजी, बीएसडब्ल्यू व एमबीए प्रोग्राम के अप्लाई करने पर सहमति बनी. विश्वविद्यालय की निविदा समिति के गठन और पुनर्गठन के प्रस्ताव को अनुमोदित किया गया. साथ ही बताया गया कि प्री-यूनिवर्सिटी सर्टिफिकेट कोर्स को भारतीय विश्वविद्यालय शिक्षा मंडल की सदस्यता अभी तक नहीं मिली है. इस संबंध में फिर से उच्च और तकनीकी शिक्षा विभाग को पत्र भेजने का निर्णय लिया गया.ये थे उपस्थित
इस अवसर पर रांची विवि के कुलपति प्रो (डॉ) अजीत कुमार सिन्हा, डीएसपीएमयू के कुलपति प्रो (डॉ) तपन कुमार शांडिल्य, डॉ एसजी अब्बास, डॉ हरि उरांव, डॉ जयश्री शाहदेव आदि उपस्थित थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
