छत्तीसगढ़ की तर्ज पर झारखंड में भाजपा ने गढ़ा नारा - न सहेंगे, न कहेंगे, बदल के रहेंगे

Jharkhand Politics: झारखंड विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा की परिवर्तन यात्रा शुरू हो रही है. इसके लिए पार्टी ने नारा दिया है- न कहेंगे, न सहेंगे, बदल के रहेंगे.

Jharkhand Politics: झारखंड विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव की तर्ज पर नारा गढ़ा है. वर्ष 2023 में हुए छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में जब बीजेपी ने परिवर्तन यात्रा की शुरुआत की थी, तो नारा दिया था- बदल के रहिबो. झारखंड में पार्टी ने परिवर्तन यात्रा की शुरुआत से पहले नारा दिया है- न सहेंगे, न कहेंगे, बदल के रहेंगे.

इन मुद्दों पर झारखंड में भाजपा निकालेगी परिवर्तन यात्रा

झारखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने भाजपा मुख्यालय में सोमवार को प्रेस को संबोधित किया. प्रदेश की वर्तमान सरकार पर उन्होंने जमकर हमला बोला. कहा कि हेमंत सरकार की वादाखिलाफी, बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठ से राज्य की बदलती डेमोग्राफी के खिलाफ प्रदेश भाजपा परिवर्तन यात्रा की शुरुआत करेगी.

20 सितंबर से 3 अक्टूबर तक चलेगी परिवर्तन यात्रा

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने कहा कि बीजेपी इस सरकार की नाकामियों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की उपलब्धियों के साथ जनता के बीच जाएगी. उन्होंने कहा कि झारखंड में सत्ता परिवर्तन के साथ रोटी, माटी और बेटी को बचाने का हमने संकल्प लिया है. उन्होंने कहा कि 20 सितंबर से 3 अक्टूबर तक झारखंड भाजपा अपने सभी 6 सांगठनिक प्रमंडलों में परिवर्तन यात्रा निकलेगी.

सभी 81 प्रमंडलों और 200 से अधिक प्रखंडों से गुजरेगी यात्रा

मरांडी ने कहा कि परिवर्तन यात्रा पूरे प्रदेश में 200 से अधिक प्रखंडों से गुजरते हुए 5400 किलोमीटर की दूरी तय करेगी. यात्रा सभी 81 विधानसभा क्षेत्रों से गुजरेगी. इस यात्रा के दौरान 80 स्वागत कार्यक्रम होंगे. 65 जगहों पर सार्वजनिक रैली होगी. इन रैलियों में राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के 50 से अधिक प्रमुख नेता शामिल होंगे.

झारखंड के किस प्रमंडल में कब निकलेगी परिवर्तन यात्रा

  1. झारखंड प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि पलामू प्रमंडल में 21 सितंबर को गढ़वा जिले के बंशीधरनगर से परिवर्तन यात्रा की शुरुआत होगी. प्रमंडल में यात्रा का समापन 28 सितंबर को होगा.
  2. हजारीबाग प्रमंडल में 21 सितंबर को इटखोरी स्थित भद्रकाली मंदिर से परिवर्तन यात्रा की शुरुआत होगी, जिसका समापन 28 सितंबर को होगा.
  3. दक्षिणी छोटानगपुर प्रमंडल में खूंटी के आम्रेश्वर धाम से 23 सितंबर को परिवर्तन यात्रा शुरू होगी और 3 अक्टूबर को इसका समापन होगा.
  4. संताल परगना प्रमंडल में 20 सितंबर को भोगनाडीह से परिवर्तन यात्रा शुरू होगी और 30 सितंबर को इसका समापन होगा.
  5. धनबाद प्रमंडल की यात्रा झारखंडी धाम से 20 सितंबर को शुरू होकर 26 सितंबर को संपन्न होगी.
  6. कोल्हान प्रमंडल की परिवर्तन यात्रा चित्तेश्वर धाम बहरागोड़ा से 23 सितंबर को प्रारंभ होगी. महात्मा गांधी की जयंती पर 2अक्टूबर को यात्रा का समापन होगा.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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