हेमंत सोरेन ने 2 फरवरी 2024 को ली शपथ? श्रम विभाग को अपने सचिव का नाम भी नहीं मालूम?

Jharkhand News: झारखंड में श्रम मंत्रालय की वेबसाइट पर कई गड़बड़ियां हैं. लिखा गया है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 2 फरवरी 2024 को शपथ ली. श्रम विभाग के सचिव मुकेश कुमार हैं, लेकिन साइट पर नाम विनय चौबे का है.

Jharkhand News: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कब शपथ ली? इस संबंध में झारखंड सरकार की वेबसाइट पर गलत जानकारी दी गई है. जिस विभाग की वेबसाइट पर गलत जानकारी दी गई है, उसे अपने विभागीय सचिव का नाम भी नहीं मालूम.

28 नवंबर 2024 को हेमंत सोरेन ने मोरहाबादी मैदान में ली थी शपथ

हेमंत सोरेन ने विधानसभा चुनाव 2024 में झारखंड मुक्ति मोर्चा, कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल और भाकपा (माले) (लिबरेशन) गठबंधन की प्रचंड जीत के बाद 28 नवंबर 2024 को रांची के ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान में शपथ ली. उस दिन हेमंत सोरेन ने अकेले शपथ ली थी.

2019 में 29 दिसंबर को मुख्यमंत्री बने थे हेमंत सोरेन

इसके पहले हेमंत सोरेन वर्ष 2019 में पूर्ण बहुमत वाली महागठबंधन (झामुमो-कांग्रेस-राजद) की सरकार के मुखिया बने थे. तब उन्होंने 29 दिसंबर को पद एवं गोपनीयता की शपथ ली थी. 31 जनवरी 2024 को जब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उन्हें कथित जमीन घोटाला मामले में गिरफ्तार किया, तो हेमंत सोरेन ने सीएम के पद से इस्तीफा दे दिया.

2 फरवरी को हेमंत सोरेन की जगह चंपाई सोरेन बने थे मुख्यमंत्री

हेमंत सोरेन के इस्तीफा देने के बाद 2 फरवरी 2024 को झारखंड मुक्ति मोर्चा के कद्दावर नेता और सरायकेला-खरसावां के विधायक चंपाई सोरेन को सीएम पद की शपथ दिलाई गई. इसके बाद झारखंड हाईकोर्ट से हेमंत सोरेन को जमानत मिली और 4 जुलाई को वह फिर से झारखंड के मुख्यमंत्री बने.

प्रचंड बहुमत के साथ हेमंत सोरेन सरकार की सत्ता में हुई वापसी

चुनाव आयोग ने 15 अक्टूबर 2024 को झारखंड में विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा की. 2 चरणों में (13 और 20 नवंबर 2024) झारखंड में विधानसभा चुनाव कराए गए. 23 नवंबर को मतगणना हुई, जिसमें झामुमो की अगुवाई वाले इंडिया गठबंधन की पहले से ज्यादा सीटों के साथ सत्ता में वापसी हुई.

‘मुख्यमंत्री श्रमिक योजना’ सेक्शन में दी गई है यह जानकारी

झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने एक बार फिर झारखंड के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली. यह तारीख थी- 28 नवंबर 2024. अगर आप झारखंड सरकार के श्रम मंत्रालय के पोर्टल पर जाएंगे, तो ‘मुख्यमंत्री श्रमिक योजना’ सेक्शन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और श्रम विभाग के सचिव के बारे में जानकारी दी गई है.

10 अगस्त 1975 को जन्मे भारतीय राजनेता हेमंत सोरेन

इस सेक्शन में हेमंत सोरेन की संक्षिप्त जीवनी दी गई है, जिसमें लिखा है, ‘10 अगस्त 1975 को जन्मे हेमंत सोरेन भारतीय राजनेता हैं. उन्होंने 2 फरवरी 2024 को मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी.’ हालांकि, सच यह है कि हेमंत सोरेन ने 2 फरवरी 2024 को शपथ नहीं ली थी. इस सेक्शन में विनय चौबे को श्रम सचिव बताया गया है. अभी मुकेश कुमार झारखंड के श्रम विभाग के सचिव हैं.

Also Read

Hemant Soren Gift: मंईयां सम्मान योजना का पैसा जल्द होगा जारी, नए साल का तोहफा देंगे हेमंत सोरेन

हेमंत सोरेन और मोदी सरकार आमने-सामने, केंद्र पर कसा तंज, झारखंड बीजेपी को भी लिया आड़े हाथ

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >