Jharkhand News : मुख्यमंत्री श्रमिक योजना होने पर 25,515 श्रमिकों ने कराया था पंजीयन लेकिन सिर्फ इतने लोगों ने मांगा काम

सबसे अधिक धनबाद के 4,779 श्रमिकों और रांची के 1,882 श्रमिकों ने काम मांगा है. मुख्यमंत्री श्रमिक योजना 14 अगस्त 2020 में शुरू की गयी थी. कोरोना संक्रमण के कारण लाखों की संख्या में प्रवासी श्रमिक अपने घर लौटे थे. रोजगार का अभाव झेल रहे दिहाड़ी मजदूरों की समस्या का निवारण करने के लिए योजना शुरू की गयी थी.

Jharkhand News, Ranchi News, Mukhya Mantri Shramik Yojna Jharkhand रांची : राज्य में मुख्यमंत्री श्रमिक योजना शुरू होने के आठ माह में 25,515 श्रमिकों ने पंजीयन कराया है. 18,983 श्रमिकों को स्थानीय निकायों ने जॉब कार्ड दे दिया है. हालांकि, योजना के तहत काम मांगनेवाले श्रमिकों की संख्या काफी कम है. योजना के तहत निबंधित श्रमिकों में से अब तक केवल 2,797 ने ही सरकार से काम मांगा है. 2,407 शहरी श्रमिकों को कार्य आवंटन भी किया गया है.

सबसे अधिक धनबाद के 4,779 श्रमिकों और रांची के 1,882 श्रमिकों ने काम मांगा है. मुख्यमंत्री श्रमिक योजना 14 अगस्त 2020 में शुरू की गयी थी. कोरोना संक्रमण के कारण लाखों की संख्या में प्रवासी श्रमिक अपने घर लौटे थे. रोजगार का अभाव झेल रहे दिहाड़ी मजदूरों की समस्या का निवारण करने के लिए योजना शुरू की गयी थी.

अमृत योजना के तहत शहरों में हो रहे आधारभूत संरचना निर्माण, सड़क, नाली निर्माण, पौधरोपण, पार्क सौंदर्यीकरण, स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छता कार्य, नदी तालाब सौंदर्यीकरण कार्य, प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत भवन निर्माण कार्य, वर्षा जल संचयन, निर्माण कार्य एवं अन्य विभागों द्वारा विकास क्षेत्र में संचालित विभिन्न योजनाओं में श्रमिकों को कार्य उपलब्ध कराया जा रहा है. योजना से शहरी जनसंख्या के गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे 31 प्रतिशत लोगों को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है.

रोजगार नहीं, तो भत्ता मिलेगा

मुख्यमंत्री श्रमिक योजना में रोजगार मिलने की गारंटी है. श्रमिक के निबंधन के साथ 15 दिन के अंदर रोजगार देना है. रोजगार नहीं होने की स्थिति में लाभुक को बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान किया गया है. 18 वर्ष या अधिक के शहरी अकुशल श्रमिक योजना के तहत नि:शुल्क जॉब कार्ड प्राप्त कर एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 100 दिनों का रोजगार हासिल कर सकते हैं.

काम की मांग के 15 दिनों के अंदर उनके निकाय क्षेत्र में ही रोजगार दिया जायेगा. मजदूरी करने शहर आनेवाले ग्रामीण श्रमिक, जिसके पास मनरेगा जॉब कार्ड नहीं है, वह भी इस योजना का लाभ ले सकते हैं. प्रज्ञा केंद्र, ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से, सीआरपी दीदी या निकाय कार्यालय में लिखित आवेदन देकर जॉब कार्ड प्राप्त किया जा सकता है.

Posted By : Sameer Oraon

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समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं. अमन रिपोर्ट्स बेस्ड, सटीक और विश्वसनीय जानकारियों को पाठकों तक पहुंचाने में विश्वास रखते हैं. उनकी प्राथमिकता यूजर्स तक सही जानकारी को सरल शब्दों में समझाना रही है.

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