Jharkhand High Court: झारखंड हाइकोर्ट ने बैंकों और वित्तीय संस्थानों के बकाया ऋण वसूली से जुड़े सरफेसी मामलों के निपटारे में हो रही देरी पर कड़ी नाराजगी जतायी है. जस्टिस आनंद सेन की अदालत ने कहा कि उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी (डीसी) और मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) कानून के तहत लंबित आवेदनों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित करें.
बैंकों की याचिकाओं पर हाईकोर्ट का अहम आदेश
अदालत ने स्पष्ट किया कि इन मामलों में डीसी और सीजेएम की भूमिका केवल प्रशासनिक है, वे संपत्ति के स्वामित्व या अन्य विवादों की जांच नहीं कर सकते. यह आदेश झारखंड ग्रामीण बैंक, केनरा बैंक, यूको बैंक, एचडीएफसी बैंक समेत अन्य वित्तीय संस्थानों की याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान दिया गया.
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