रांची. झारखंड न्यायिक सेवा के तीन वरीय अधिकारियों को हाइकोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया है. गढ़वा के पीडीजे मनोज प्रसाद, साहिबगंज के पीडीजे अखिल कुमार व डालटनगंज के पीडीजे राम शर्मा को झारखंड हाइकोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया है. इनका शपथ ग्रहण अगले सप्ताह में होगा.
मनोज प्रसाद वर्तमान में गढ़वा के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पीडीजे) हैं. उनका जन्म 16 नवंबर 1973 को देवघर में हुआ था. उनके पिता का नाम गजानन प्रसाद है. उन्होंने देवघर के सेंट फ्रांसिस स्कूल से स्कूली शिक्षा प्राप्त की. वर्ष 1988 में आइसीएसइ बोर्ड से 10वीं तथा वर्ष 1990 में पटना कॉलेज से इंटरमीडिएट की शिक्षा पूरी की. इसके बाद पटना कॉलेज, पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में बीए ऑनर्स किया. उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के कैंपस लॉ सेंटर से वर्ष 1998 में एलएलबी की डिग्री प्राप्त की.
वर्ष 1999 में बिहार स्टेट बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में नामांकन कराया तथा देवघर जिला न्यायालय के साथ-साथ झारखंड हाइकोर्ट में मुख्य रूप से दीवानी मामलों की वकालत की. इसके बाद चार मई 2012 को झारखंड सुपीरियर ज्यूडिशियल सर्विस में प्रवेश किया. उन्होंने न्यायिक सेवा में आने के बाद विभिन्न पदों पर कार्य किया है.
नवनियुक्त न्यायाधीश अखिल कुमार वर्तमान में साहिबगंज के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पीडीजे) के पद पर पदस्थापित हैं. उनका जन्म छह जनवरी 1972 को पटना में हुआ था. उनके पिता स्वर्गीय प्रेम चंद्र दुबे थे. उन्होंने पटना कॉलेज, पटना विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में ऑनर्स किया है.
वहीं कैंपस लॉ सेंटर, दिल्ली विश्वविद्यालय से वर्ष 1999 में एलएलबी की उपाधि प्राप्त की. वर्ष 1999 में अधिवक्ता बनने के बाद पटना हाइकोर्ट तथा जिला न्यायालय में सिविल व क्रिमिनल मामलों की प्रैक्टिस की. उन्होंने चार मई 2012 को न्यायिक सेवा में प्रवेश किया. उन्होंने विभिन्न पदों पर रहते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन किया है.
डालटनगंज के पीडीजे राम शर्मा का जन्म सात जुलाई 1968 को दिल्ली में हुआ था. उन्होंने 1984 और 1986 में क्रमशः सीबीएसइ से मैट्रिक और इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की. उन्होंने भूगोल में बीए (प्रतिष्ठा) और एजुकेशनल प्लानिंग एंड एडमिनिस्ट्रेशन में स्नातकोत्तर किया है. वर्ष 1994 में दिल्ली से एलएलबी की डिग्री हासिल की.
इसी वर्ष दिल्ली बार काउंसिल में वकील के तौर पर एनरोल हुए और दिल्ली हाइकोर्ट तथा दिल्ली की विभिन्न जिला अदालतों में सिविल व क्रिमिनल मामलों में वकालत की. 26 मई 2012 को झारखंड सुपीरियर ज्यूडिशियल सर्विस में शामिल हुए.
हाइकोर्ट को तीन नये जज मिलने पर दी बधाई
राज्य के पूर्व महाधिवक्ता व वरीय अधिवक्ता राजीव रंजन ने न्यायिक सेवा के तीन वरीय अधिकारियों को हाइकोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किये जाने पर बधाई दी है. वहीं झारखंड स्टेट बार काउंसिल के उपाध्यक्ष राजेश कुमार शुक्ल ने नवनियुक्त न्यायाधीशों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस नियुक्ति से हाइकोर्ट में जजों की संख्या बढ़ेगी. इससे मामलों की सुनवाई में तेजी आयेगी. श्री शुक्ल ने बार कोटे के पदों को भी भरने का आग्रह किया है.
राज्य बार काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष व हाइकोर्ट के वरीय अधिवक्ता राजेंद्र कृष्ण ने भी बधाई दी. उन्होंने कहा कि इनकी नियुक्ति से मामलों की सुनवाई में तेजी आयेगी. यह नियुक्ति झारखंड हाइकोर्ट में रिक्तियों को भरने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. अधिवक्ता श्री कृष्ण ने जजों के शेष रिक्त पदों पर भी जल्द नियुक्ति के लिए अनुशंसा भेजने का आग्रह किया.
