Excise Constable Paper Leak, रांची (राजेश वर्मा/शुभम हल्दार): रांची पुलिस ने उत्पाद सिपाही प्रतियोगिता परीक्षा 2023 की कदाचार मुक्त योजना को भंग करने की साजिश रचने वाले 164 लोगों को गिरफ्तार किया है. शनिवार की देर रात तमाड़ थाना क्षेत्र के एक सुनसान निर्माणाधीन भवन में की गई छापेमारी के दौरान पुलिस ने गिरोह के 5 मुख्य सदस्यों और 159 अभ्यर्थियों (7 महिलाओं सहित) को रंगे हाथों पकड़ा. इस संबंध में तमाड़ थाना में कांड संख्या 21/26 दर्ज की गई है.
15 लाख में हुई थी डील
पुलिस जांच में पता चला है कि यह गिरोह प्रत्येक अभ्यर्थी से परीक्षा पास कराने के नाम पर 10 से 15 लाख रुपये वसूल रहा था. छापेमारी के वक्त गिरोह के सदस्य अभ्यर्थियों को पहले से तैयार प्रश्न-उत्तर के सेट रटवा रहे थे. पुलिस ने मौके से प्रिंटर, तैयार प्रश्न-उत्तर सेट, फटे हुए एडमिट कार्ड, संदिग्ध मोबाइल फोन और भारी संख्या में बैंक चेक बरामद किए हैं. गिरोह ने साक्ष्य मिटाने के लिए अभ्यर्थियों के मोबाइल और दस्तावेज पहले ही जमा करवा लिए थे.
बिहार का ‘अतुल वत्स’ है मास्टरमाइंड
इस गिरोह का सरगना बिहार के जहानाबाद निवासी अतुल वत्स (उर्फ अरुण) है. पुलिस के अनुसार, अतुल का पहले से ही आपराधिक इतिहास रहा है. वह इससे पहले नीट (NEET) पेपर लीक 2024, राजस्थान क्लर्क भर्ती 2017 और बिहार-उत्तर प्रदेश की कई बड़ी भर्ती परीक्षाओं में सक्रिय रहा है. वह लंबे समय से विभिन्न राज्यों में सॉल्वर गैंग का नेटवर्क संचालित कर रहा था.
8 वाहन और कई अहम दस्तावेज जब्त
पुलिस ने मौके से 8 वाहनों को भी जब्त किया है, जिनका इस्तेमाल अभ्यर्थियों को सुनसान स्थान तक लाने-ले जाने में किया जा रहा था. एसएसपी रांची के नेतृत्व में गठित टीम अब गिरोह के अन्य कड़ियों को जोड़ने में जुटी है. पुलिस का मानना है कि इस नेटवर्क के तार कई अन्य राज्यों और कोचिंग संस्थानों से भी जुड़े हो सकते हैं.
