Jharkhand Cabinet: झारखंड कैबिनेट की बैठक 20 जून को, होंगे कई अहम फैसले

Jharkhand Cabinet| झारखंड कैबिनेट की बैठक शुक्रवार 20 जून 2025 को होगी. मंत्रिपरिषद की यह बैठक धुर्वा स्थित झारखंड मंत्रालय (प्रोजेक्ट भवन) के मंत्रिपरिषद कक्ष में होगी. कैबिनेट की बैठक अपराह्न 4 बजे से होगी. मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग (समन्वय) ने बुधवार 18 जून को यह जानकारी दी.

Jharkhand Cabinet| झारखंड कैबिनेट की बैठक शुक्रवार 20 जून 2025 को होगी. मंत्रिपरिषद की यह बैठक धुर्वा स्थित झारखंड मंत्रालय (प्रोजेक्ट भवन) के मंत्रिपरिषद कक्ष में होगी. कैबिनेट की बैठक अपराह्न 4 बजे से होगी. मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग (समन्वय) ने बुधवार 18 जून को यह जानकारी दी. बताया गया है कि कैबिनेट की बैठक की अध्यक्षता सूबे के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन करेंगे.

4 जून 2025 की बैठक में हुए थे 12 फैसले

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में 4 जून 2025 को मंत्रिपरिषद की बैठक में 12 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गयी थी. इसमें झारखंड नगरपालिका संवेदक निबंधन (संशोधन) नियमावली, 2025 के गठन को स्वीकृति शामिल है. इसी बैठक में खान एवं भूतत्व विभाग के अधीन झारखंड सरकार की अनुषंगी कंपनी झारखंड राज्य खनिज विकास निगम लिमिटेड के पदेन अध्यक्ष के रूप में सचिव, खान एवं भूतत्व विभाग एवं पदेन प्रबंध निदेशक के रूप में निदेशक, खान, झारखंड को नामित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गयी थी.

खान एवं खनिज अधिनियम में संशोधन को दी थी मंजूरी

इतना ही नहीं, खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 यथा संशोधित की धारा-26 (2) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 यथा संशोधित की धारा-21 (3), 21 (4) एवं 21(5) के प्रयोजनार्थ उक्त धाराओं के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करने का अधिकार प्रत्यायोजित किये जाने के आदेश एवं निर्गत अधिसूचना को मंजूरी दी गयी थी.

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राजकीय कन्या मध्य विद्यालयों की शिक्षिकाओं पर हुई कार्रवाई वापस

इसी बैठक में राजकीय कन्या मध्य विद्यालयों की सहायक शिक्षिकाओं की नियुक्ति की वैधता के संबंध में सीबीआई के जांच प्रतिवेदन में अवैध/अनियमित नियुक्ति घोषित शिक्षिकाओं के विरुद्ध की गयी विभागीय कार्रवाई के विरुद्ध दायर याचिकाओं में सुप्रीम कोर्ट/हाईकोर्ट के आदेशों का पालन करते हुए उन्हें सेवा में पुनर्स्थापित कर/मानते हुए अनुमान्य लाभ एवं पेंशन आदि की स्वीकृति दी गयी.

गिग वर्कर्स अधिनियम को दी गयी स्वीकृति

पाकुड़-बरहरवा मुख्य पथ से पाली गगन पहाड़ी पश्चिम बंगाल बॉर्डर वाया कुसमा फाटक पथ को ग्रामीण कार्य विभाग से पथ निर्माण विभाग को ट्रांसफर करते हुए सड़क के चौड़ीकरण, मजबूतीकरण और पुनर्निर्माण कार्य के लिए 40,39,98,300 रुपए की स्वीकृति दी गयी थी. इतना ही नहीं, गढ़वा नगर परिषद के गढ़वा शहरी जलापूर्ति योजना के लिए 59,71,63,300 रुपए की स्वीकृति दी गयी थी. इस बैठक में The Jharkhand Platform Based Gig Workers (Registration and Welfare) विधेयक, 2025 के अधिनियमन की स्वीकृति दी गयी थी.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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