RIMS में निदेशक पद का पेंच, एक के बाद एक रिटायर होंगे दो वरिष्ठ डॉक्टर

रिम्स में स्थायी निदेशक की नियुक्ति न होने से नीतिगत फैसले लेने में हो रही है देरी. जानिए क्यों जल्द स्थायी नेतृत्व की है जरूरत.

राजीव पांडेय की रिपोर्ट

रांची: रिम्स में सरकार द्वारा नियुक्त निदेशक डॉ राज कुमार के 25 जून को इस्तीफा देने के बाद प्रभारी निदेशक की जिम्मेदारी डॉ डीके सिन्हा को दी गई है. हालांकि डॉ सिन्हा अक्तूबर के अंत में सेवानिवृत्त हो जाएंगे. उनकी जन्म तिथि 29 अक्तूबर 1959 है. इसके बाद दूसरे वरीय डॉ राजीव मिश्रा को प्रभारी निदेशक की जिम्मेदारी दी जा सकती है. लेकिन डॉ मिश्रा भी दिसंबर में सेवानिवृत्त हो जायेंगे. उनकी जन्म तिथि आठ दिसंबर 1959 है.

इसके बाद प्रोफेसर की वरीयता सूची के आधार पर तीसरे वरीय डॉ हिरेंद्र बिरुआ को जिम्मेदारी देनी होगी. ऐसे में सरकार को इस बीच रिम्स में स्थायी निदेशक की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करनी होगी. सूत्रों के अनुसार, आवेदन आमंत्रित करने से लेकर निदेशक की नियुक्ति तक की प्रक्रिया में छह महीने से अधिक का समय लग जाता है. इसलिए स्वास्थ्य विभाग को स्थायी निदेशक की नियुक्ति की प्रक्रिया जल्द शुरू करनी चाहिए.

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हालांकि, जिस वरीयता सूची की बात की जा रही है, वह रिम्स द्वारा तैयार प्रोफेसरों की वरीयता सूची है. इस सूची को लेकर आपत्ति और दावा किया जा सकता है. रिम्स नियमावली के अनुसार, निदेशक का पद अवकाश, त्यागपत्र या सेवानिवृत्ति के कारण रिक्त होने की स्थिति में वरीय प्रोफेसर को छह महीने तक प्रभारी निदेशक की जिम्मेदारी दी जा सकती है. यदि स्थायी निदेशक की नियुक्ति में छह महीने से अधिक का समय लगता है, तो इसके लिए राज्य सरकार से अनुमति लेना आवश्यक होगा. राज्य सरकार ने डॉ राज कुमार को रिम्स निदेशक के रूप में नियुक्त किया था, लेकिन उन्होंने 25 जून को अपने पद से इस्तीफा दे दिया. उनके इस्तीफे के बाद डॉ डीके सिन्हा को प्रभारी निदेशक बनाया गया है.

प्रभारी निदेशक को नीतिगत फैसले लेने में दिक्कत

जानकारों के अनुसार, स्थायी निदेशक के नहीं होने से रिम्स में कई महत्वपूर्ण नीतिगत फैसले लेने में परेशानी होती है. प्रभारी निदेशक को संस्थान की नीतियों और व्यवस्थाओं को समझने में समय लग जाता है. इसी बीच उनकी सेवानिवृत्ति का समय नजदीक आ जाता है. सेवानिवृत्ति करीब होने के कारण प्रभारी निदेशक भी कई बड़े फैसले लेने से बचते हैं. ऐसे में रिम्स के सुचारु संचालन और महत्वपूर्ण नीतिगत फैसलों के लिए स्थायी निदेशक की नियुक्ति जरूरी हो जाती है.

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लेखक के बारे में

By राजीव पांडेय

राजीव पांडेय, चीफ रिपोर्टर, प्रभात खबर रांची. 15 साल से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. प्रभात खबर में हेल्थ से संबंधित कई रिपोर्ट ब्रेक किया है, जिसको देश स्तर पर पहचान मिला.मुझे वर्ष 2023 में लाडली मीडिया से सम्मानित भी किया गया है. रीच संस्था से टीबी, एनसीडी और डायबिटीज पर फेलोशिप भी मिला है
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