हेमंत सोरेन के शपथ पत्र पर क्यों उठे सवाल? जानें क्या है पूरा मामला

Hemant Soren JMM Age Controversy: झारखंड विधानसभा चुनाव में मंगल कालिंदी के बाद अब हेमंत सोरेन के शपथ पत्र पर विवाद शुरू हो गया है. क्या है पूरा मामला. पढ़ें.

Hemant Soren JMM Age Controversy: झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता मंगल कालिंदी के बाद अब झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के शपथ पत्र पर भी सवाल उठने लगे हैं. झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने संताल परगना की बरहेट (एसटी) विधानसभा सीट से अपना नामांकन दाखिल किया है. उन्होंने 24 अक्टूबर को अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित बरहेट सीट से परचा भरा था.

हेमंत सोरेन के 2019 और 2024 के शपथ पत्र में क्या?

हेमंत सोरेन ने 24 अक्टूबर 2024 को जो परचा दाखिल किया, उसमें दी गई जानकारी, पिछले विधानसभा चुनाव यानी वर्ष 2019 के झारखंड विधानसभा चुनाव में दी गई जानकारी से थोड़ा भिन्न है. गणना में थोड़ी गड़बड़ी हो गई है. विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता इस मुद्दे पर हमलावर हो गए हैं. वहीं, झारखंड मुक्ति मोर्चा ने भी पलटवार किया है.

बाएं हेमंत सोरेन के शपथ पत्र पर बीजेपी का किया गया ट्वीट और दायीं तरफ हेमंत सोरेन के वर्ष 2019 और वर्ष 2024 के शपथ पत्र.

हार सुनिश्चित देखकर बौखला गई है भाजपा – झामुमो

झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के प्रवक्ता मनोज कुमार पांडेय ने कहा है कि आने वाले झारखंड विधानसभा चुनाव में अपनी हार सुनिश्चित देखकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता बौखला गए हैं. इसलिए अनाप-शनाप आरोप लगा रही है. उन्होंने कहा कि पार्टी ने अपने सभी दस्तावेज सत्यापित करवाकर चुनाव आयोग में दाखिल किए हैं. हम कुछ नहीं छिपाते.

24 अक्टूबर 2024 को दाखिल किए गए अपने हलफनामे में हेमंत सोरेन ने अपनी उम्र 49 साल (लाल रंग के घेरे में देखें) लिखी है.

भाजपा के प्रदीप यादव ने हेमंत सोरेन के हलफनामे पर उठाए सवाल

दरअसल, हेमंत सोरेन ने जो नामांकन दाखिल किया है, उसमें उन्होंने अपनी उम्र 49 वर्ष बताई है. 5 साल पहले जो शपथ पत्र दाखिल किया था, उसमें अपनी उम्र 42 साल बताई थी. 5 साल बाद उनकी उम्र 47 साल होनी चाहिए, लेकिन उम्र के लिए जो जगह दी गई है, उसमें उन्होंने 49 साल लिखा है. भाजपा नेता प्रदीप सिन्हा ने उनकी उम्र पर सवाल उठाए हैं. इसके साथ ही बीजेपी ने उन पर हमला बोलना शुरू कर दिया है.

2019 में हेमंत सोरेन ने अपनी उम्र बताई थी 42 साल

हेमंत सोरेन ने 2 दिसंबर 2019 को रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष दायर शपथ पत्र के पार्ट -ए में उन्होंने बताया था कि उनकी उम्र 42 साल है. अब 5 साल बाद एक फिर झारखंड विधानसभा के चुनाव होने जा रहे हैं. इसके लिए हेमंत सोरेन ने 24 अक्टूबर 2024 को परचा भरा. इसमें उन्होंने फॉर्म 26 के पार्ट-ए में अपनी उम्र 49 साल बताई है.

2 दिसंबर 2019 को दाखिल किए गए अपने हलफनामे में हेमंत सोरेन ने अपनी उम्र 42 साल (लाल रंग के घेरे में देखें) बताई थी.

पूछ रही भाजपा- 5 साल में कैसे 7 साल बढ़ गई हेमंत सोरेन की उम्र

भाजपा ने इसी पर सवाल खड़े किए हैं. भाजपा नेता पूछ रहे हैं कि हेमंत सोरेन की उम्र 5 साल में 7 साल कैसे बढ़ गई. भाजपा ने इसे उम्र का घोटाला करार दिया है. अगर वर्ष 2019 में उनकी उम्र 42 वर्ष थी, तो 5 साल के बाद वर्ष 2024 में उनकी उम्र 47 साल होनी चाहिए. उन्होंने अपनी उम्र 49 साल बताई है. हटिया में रहने वाले हेमंत सोरेन पिछला विधानसभा चुनाव बरहेट (एसटी) से जीते थे.

मंगल कालिंदी के शपथ पत्र में भी थी ऐसी ही गड़बड़ी

इसके पहले हेमंत सोरेन की पार्टी के ही एक विधायक के शपथ पत्र पर भी सवाल खड़े हुए थे. पूर्वी सिंहभूम जिले की अनुसूचित जाति (एससी) के लिए आरक्षित विधानसभा सीट से नामांकन दाखिल करने वाले मंगल कालिंदी पर जाली हलफनामा दायर करने का आरोप लगा था. भाजपा के अंकित आनंद ने इस मामले में चुनाव आयोग में शिकायत की थी.

मंगल कालिंदी की 5 साल में 42 से 51 के हो गए!

मंगल कालिंदी का भी मामला हेमंत सोरेन जैसा ही है. वर्ष 2019 में मंगल कालिंदी ने अपनी उम्र 42 साल बताई थी. वर्ष 2024 में जब उन्होंने हलफनामा दिया, तो अपनी उम्र 51 वर्ष बताई. भाजपा के अंकित आनंद ने इसी को आधार बनाकर मंगल कालिंदी के खिलाफ जांच शुरू करने और उनका नामांकन रद्द करने की चुनाव आयोग से मांग की.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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