ग्लैडसन डुंगडुंग को हिंदी पत्रकारिता में योगदान के लिए स्वामी देवानंद चक्कुंगल पुरस्कार

झारखंड के आदिवासी एक्टिविस्ट ग्लैडसन डुंगडुंग को हिंदी पत्रकारिता में खास योगदान के लिए स्वामी देवानंद चक्कुंगल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है. उन्हें यह सम्मान आदिवासियों के अधिकार और संघर्षों को आवाज देने के लिए मिला.

रांची: इंडियन कैथोलिक प्रेस एसोसिएशन (आइसीपीए) ने झारखंड के आदिवासी एक्टिविस्ट और शोधकर्ता ग्लैडसन डुंगडुंग को हिंदी पत्रकारिता में विशेष योगदान के लिए स्वामी देवानंद चक्कुंगल पुरस्कार से सम्मानित किया. आइसीपीए के वार्षिक सम्मेलन में वरिष्ठ पत्रकार माया शर्मा ने उन्हें पुरस्कार प्रदान किया.

आदिवासियों से जुड़े मुद्दों, उनके अधिकारों और संघर्ष

यह सम्मान आदिवासियों से जुड़े मुद्दों, उनके अधिकारों और संघर्ष को हिंदी अखबारों, पत्रिकाओं और पुस्तकों के माध्यम से लगातार सामने लाने के लिए दिया गया. पुरस्कार के माध्यम से ऐसी पत्रकारिता को सम्मानित किया जाता है, जो उन समुदायों और मुद्दों को सार्वजनिक चर्चा में जगह देती है, जिन्हें अक्सर मुख्यधारा की चर्चा में पर्याप्त स्थान नहीं मिल पाता.

500 से अधिक ग्राउंड रिपोर्ट

ग्लैडसन डुंगडुंग ने हिंदी और अंग्रेजी में अब तक 500 से अधिक ग्राउंड रिपोर्ट, आलेख और शोधपत्र लिखे हैं. उनके लेख अखबारों, पत्रिकाओं और संपादित पुस्तकों में प्रकाशित हो चुके हैं. इसके अलावा उन्होंने हिंदी और अंग्रेजी में 35 पुस्तकें लिखी हैं. उनकी प्रमुख पुस्तकों में 'आदिवासीज एंड देयर फोरेस्ट', 'एंडलेस क्राई इन द रेड कॉरिडोर', 'मिशन सारंडा', 'हूज कंट्री इज इट एनी?', 'क्रॉसफायर', 'भारत देश के प्रथम निवासी व मालिक कौन', 'उलगुलान का सौदा', 'असुरों की पीड़ा' और 'विकास के कब्रगाह' शामिल हैं. आइसीपीए के अनुसार, ग्लैडसन डुंगडुंग ने अपने लेखन, शोध और जमीनी कार्य के माध्यम से न्याय, सम्मान, अधिकार और जवाबदेही जैसे विषयों को लगातार सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा बनाया है. पुरस्कार को इसी तरह के पत्रकारिता कार्य को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना गया है.

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लेखक के बारे में

By Praveen Kumar Munda

प्रवीण कुमार मुंडा प्रभात खबर में डिप्टी चीफ रिपोर्टर के तौर पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता में उनका करीब 23 सालों का अनुभव है. वे 2003 में प्रभात खबर से जुड़े थे. वे झारखंड के आदिवासी समुदाय के भाषा, साहित्य, कला, संस्कृति सहित जीवन के अन्य पहलुओं की खबरों पर काम करते हैं. इसके अलावा झारखंड के मिशनरी संस्थाओं की रिपोर्टिंग का भी सालों का अनुभव है. कई मंचों पर वह प्रभात खबर का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं.साल 2021 में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (मुख्यमंत्री कार्यालय) में एक साल तक काम कर चुके हैं.

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