SIR की समय सीमा एक महीने और बढ़ाई जाए, बंधु तिर्की ने मुख्य चुनाव आयुक्त को लिखा पत्र

झारखंड के पूर्व मंत्री बंधु तिर्की ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की समय सीमा कम से कम एक महीने बढ़ाने की मांग की है. उन्होंने राज्य की भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियों को कारण बताया है.


रांची से विवेक चंद्र की रिपोर्ट

Ranchi News: झारखंड के पूर्व मंत्री और राज्य सरकार की समन्वय समिति के सदस्य बंधु तिर्की ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर राज्य में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान की समय सीमा कम-से-कम एक माह बढ़ाने की मांग की है. उन्होंने कहा कि वर्तमान समय सीमा झारखंड की भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियों के अनुरूप नहीं है. ऐसे में बड़ी संख्या में पात्र मतदाता मतदाता सूची से वंचित रह सकते हैं. उन्होंने चुनाव आयोग से आग्रह किया कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को अधिक समावेशी और प्रभावी बनाने के लिए इस मांग पर गंभीरता से विचार किया जाए.

झारखंड की भौगोलिक स्थिति को बताया बड़ी चुनौती

बंधु तिर्की ने अपने पत्र में कहा कि झारखंड की भौगोलिक परिस्थितियां देश के कई अन्य राज्यों से अलग हैं. राज्य के अनेक जिले, पंचायत और गांव घने जंगलों, पहाड़ी इलाकों और दूरस्थ क्षेत्रों में स्थित हैं. कई गांवों तक पहुंचना आज भी आसान नहीं है. ऐसी परिस्थितियों में निर्धारित समय के भीतर प्रत्येक पात्र मतदाता तक पहुंचना बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के लिए चुनौतीपूर्ण कार्य है. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को समय सीमा तय करते समय इन व्यावहारिक कठिनाइयों का ध्यान रखना चाहिए.

पलायन के कारण कई मतदाता रह सकते हैं वंचित

पूर्व मंत्री ने कहा कि झारखंड के हजारों लोग रोजगार और आजीविका के लिए दूसरे राज्यों में रह रहे हैं. बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर और कामगार फिलहाल अपने गृह राज्य से बाहर हैं. ऐसे में यदि विशेष गहन पुनरीक्षण की समय सीमा नहीं बढ़ाई गई तो कई वैध मतदाता आवश्यक दस्तावेज और प्रपत्र समय पर जमा नहीं कर पाएंगे. इससे उनके नाम मतदाता सूची से छूटने की आशंका बढ़ सकती है. उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए आयोग से संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने की अपील की.

कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल पहले भी सौंप चुका है ज्ञापन

बंधु तिर्की ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल पहले ही झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार से मुलाकात कर ज्ञापन सौंप चुका है. प्रतिनिधिमंडल ने भी विशेष गहन पुनरीक्षण की अवधि बढ़ाने और मतदाताओं को पर्याप्त समय देने की मांग की थी. हालांकि अब तक इस दिशा में कोई सकारात्मक निर्णय सामने नहीं आया है. उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्य चुनाव आयुक्त इस विषय पर शीघ्र उचित फैसला करेंगे.

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बीएलओ को निर्देश देने की मांग

अपने पत्र में बंधु तिर्की ने मुख्य चुनाव आयुक्त से यह भी अनुरोध किया कि सभी बूथ लेवल अधिकारियों को मतदाताओं के साथ सहयोगात्मक, संवेदनशील और सौहार्दपूर्ण व्यवहार करने का निर्देश दिया जाए. उनका कहना है कि विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के लोगों को दस्तावेज और प्रपत्र जमा करने में अनावश्यक कठिनाइयों का सामना नहीं करना चाहिए. उन्होंने कहा कि यदि बीएलओ सकारात्मक सहयोग करेंगे तो पुनरीक्षण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सरल और प्रभावी बनेगी. साथ ही प्रत्येक पात्र मतदाता को सूची में शामिल होने का समान अवसर मिलेगा, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया और अधिक मजबूत होगी.

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By Kumarvishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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