लोकसभा चुनाव 2024 से पहले झारखंड में हुई ट्रांसफर पोस्टिंग के तरीके से चुनाव आयोग नाराज, दिया ये निर्देश

Lok Sabha Election 2024|Transfer-Posting in Jharkhand|लोकसभा चुनाव की घोषणा से पहले एक बार फिर बड़े पैमाने पर ट्रांसफर-पोस्टिंग शुरू हो सकती है.

Lok Sabha Election 2024|Transfer-Posting in Jharkhand|लोकसभा चुनाव की घोषणा से पहले एक बार फिर बड़े पैमाने पर ट्रांसफर-पोस्टिंग शुरू हो सकती है. झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी-सह-सचिव के रवि कुमार की ओर से राज्य सरकार को एक चिट्ठी लिखी गई है. इसमें जो बातें कहीं गईं हैं, उसके आधार पर एक बार फिर झारखंड में बड़े पैमाने पर पुलिस और प्रशासनिक पदाधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग होने का अनुमान है.

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने आला अफसरों को लिखी चिट्ठी

झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी-सह-सचिव के रवि कुमार (ईसीआई) की ओर से सभी राज्यों को जारी चिट्ठी के आलोक में झारखंड सरकार मंत्रिमंडल (निर्वाचन) विभाग ने शनिवार (24 फरवरी) को राज्य के सभी अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और सचिव को चिट्ठी लिखी की है. इसमें कहा है कि आम लोकसभा चुनाव 2024 के मद्देनजर निर्वाचन आयोग के आदेश पर अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग के कंप्लायंस के बारे में जानकारी दें. चिट्ठी के मुताबिक, 21 दिसंबर 2023 को लोकसभा चुनाव 2024 को देखते हुए आयोग ने राज्य में एक ही जगह पर चार साल या उससे अधिक समय से पदस्थापित पदाधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग के बारे में दिशा-निर्देश जारी किया था.

अफसरों की ट्रांसफर-पोस्टिंग में नहीं हुआ आयोग के निर्देश का पालन

झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा है कि आयोग को पता चला है कि लोकसभा चुनाव की वजह से अफसरों की होने वाली ट्रांसफर-पोस्टिंग में निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पूरी तरह से पालन नहीं किया गया है. पदाधिकारियों का ट्रांसफर एक ही संसदीय निर्वाचन क्षेत्र के सीमावर्ती जिले में कर दिया गया है, जो स्थानांतरण नीति की मूल भावनाओं के खिलाफ है. इसलिए आयोग की ओर से निर्देश दिया जाता है कि जिन पदाधिकारियों का पहले ट्रांसफर किया गया है, लेकिन आयोग के निर्देश का पूरी तरह से पालन नहीं किया गया है, उनका ट्रांसफर नियम के अनुरूप किया जाए.

26 फरवरी को तीन बजे तक भेजा जाना है आयोग को प्रतिवेदन

ज्ञात हो कि लोकसभा चुनाव के मद्देनजर पदाधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग से संबंधित अनुपालन प्रतिवेदन मुख्य सचिव एवं पुलिस महानिदेशक के स्तर से 26 फरवरी 2024 को अपराह्न 3 बजे तक आयोग को भेजा जाना है. इसलिए निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप तत्काल समुचित कार्रवाई करें. इसके पहले 23 फरवरी को झारखंड के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने एक चिट्ठी लिखी थी, जिसमें यही बातें कहीं गईं थीं.

Lok Sabha Election : जिलों से मिली चिट्ठी से चुनाव आयोग है नाराज

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी झारखंड ने सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को चिट्ठी लिखकर कहा था कि लोकसभा चुनाव 2024 से पहले ट्रांसफर-पोस्टिंग की कार्रवाई पूरी कर लें. उन्होंने कहा था कि जिलों की ओर से जो सूचना आयोग को दी गई है, उसके मुताबिक, विभागों ने ट्रांसफर-पोस्टिंग तो की है, लेकिन जिला स्तर पर कई पदाधिकारियों को रिलीज नहीं किया गया है. वहीं, कुछ लोगों का ट्रांसफर हो चुका है, उन्हें रिलीज भी कर दिया गया है, लेकिन उन्होंने नई जगह पर ज्वाइन नहीं किया है. ऐसे मामलों में आयोग का निर्देश है कि जल्द से जल्द पदाधिकारियों को रिलीज कर दें और जिन लोगों को रिलीज किया जा चुका है, वे वहां पर ज्वाइन करें, जहां उनका ट्रांसफर हुआ है.

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सीईओ झारखंड ने कहा- बाधित हो रही लोकसभा चुनाव 2024 की तैयारी

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने यह भी कहा था कि इसकी वजह से लोकसभा चुनाव की तैयारी से जुड़े काम बाधित हो रहे हैं. बता दें कि 2024 के आम चुनावों की घोषणा मार्च में कभी भी हो सकती है. अप्रैल-मई में झारखंड की 14 लोकसभा सीटों के साथ-साथ देश की 543 लोकसभा सीट के लिए चुनाव कराए जाने की उम्मीद है. चुनाव से पहले कई सालों से एक ही जगह पर पदस्थापित पदाधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग की परंपरा रही है.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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