रांची से राजेश तिवारी की रिपोर्ट
Ranchi News: झारखंड के रांची स्थित डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू) में गुरुवार को कुलपति डॉ राजीव मनोहर ने वोकेशनल विभाग का औचक निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने पीजी थर्ड सेमेस्टर की चल रही परीक्षाओं की व्यवस्था का बारीकी से निरीक्षण करते हुए पारदर्शिता और अनुशासन पर विशेष जोर दिया. निरीक्षण के बाद संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए.
परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था पर विशेष फोकस
निरीक्षण के दौरान कुलपति ने परीक्षा केंद्रों पर बैठने की व्यवस्था, छात्रों की उपस्थिति, अनुशासन और निगरानी व्यवस्था का जायजा लिया. उन्होंने सुनिश्चित करने को कहा कि परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष और शांतिपूर्ण माहौल में आयोजित हो. कुलपति ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता है.
अधिकारियों और शिक्षकों को दिए निर्देश
इस मौके पर प्रोक्टर राजेश कुमार सिंह, डॉ अभय कृष्ण सिंह और वोकेशनल विभाग के प्रमुख डॉ इन्द्रनाथ साहू सहित कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे. कुलपति ने सभी से समन्वय बनाकर काम करने और परीक्षा के दौरान हर छोटी-बड़ी व्यवस्था पर नजर रखने को कहा. उन्होंने शिक्षकों को भी जिम्मेदारी के साथ ड्यूटी निभाने का निर्देश दिया.
विभागीय कार्यों की भी हुई समीक्षा
परीक्षा व्यवस्था के साथ-साथ कुलपति ने वोकेशनल विभाग के शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्यों की भी समीक्षा की. उन्होंने विभाग में चल रही गतिविधियों, पाठ्यक्रम की प्रगति और अन्य योजनाओं की जानकारी ली. साथ ही निर्देश दिया कि सभी कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं, ताकि छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो.
छात्रों की सुविधाओं पर दिया ध्यान
निरीक्षण के दौरान कुलपति ने छात्रों को मिल रही सुविधाओं का भी जायजा लिया. उन्होंने परीक्षा केंद्रों पर साफ-सफाई, पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाओं को बेहतर बनाने का निर्देश दिया. कुलपति ने कहा कि छात्रों को एक बेहतर और सुविधाजनक वातावरण देना विश्वविद्यालय की जिम्मेदारी है.
निष्पक्ष परीक्षा पर कुलपति का जोर
डॉ राजीव मनोहर ने कहा कि परीक्षा प्रणाली की निष्पक्षता विश्वविद्यालय की साख से जुड़ी होती है. इसलिए यह जरूरी है कि हर परीक्षा पारदर्शी और सुचारू ढंग से संपन्न हो. उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी तरह की अनियमितता सामने आने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
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गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में पहल
इस औचक निरीक्षण को विश्वविद्यालय में गुणवत्ता सुधार की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है. इससे न केवल परीक्षा व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि छात्रों और शिक्षकों के बीच विश्वास भी बढ़ेगा. कुलपति की इस पहल से विश्वविद्यालय में अनुशासन और कार्य संस्कृति को और बेहतर बनाने की उम्मीद जताई जा रही है.
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