हेमंत सोरेन ने गुरुजी को दी श्रद्धांजलि (फोटो : @HemantSorenJMM)
रूपी सोरेन और कल्पना सोरेन ने दी श्रद्धांजलि (फोटो : @HemantSorenJMM)
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पहली पुण्यतिथि पर नेमरा में उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब
पहली पुण्यतिथि के अवसर पर नेमरा में आसपास के गांवों के अलावा राज्य के विभिन्न जिलों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे. श्रद्धालुओं ने गुरुजी को श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनके जीवन से जुड़े संस्मरण साझा किए. पूरे कार्यक्रम के दौरान भावनात्मक माहौल बना रहा और लोगों ने उन्हें झारखंड की आत्मा बताते हुए श्रद्धांजलि दी.
दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रतिमा (फोटो : @HemantSorenJMM)
15 फीट 8 इंच ऊंची है गुरुजी की प्रतिमा
दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रतिमा 15 फीट आठ इंच है. प्रतिमा अंदर से स्टील व बाहर से सिलिका फाइबर से बनी है. साहिबगंज के कलाकार ने मूर्ति निर्माण में अहम भूमिका निभायी है. प्रतिमा में कई अभियंताओं की भी सेवा ली गयी है. मूर्ति जिस मंडप में स्थापित है, उसकी बांयी ओर से सीढ़ी का प्लेटफार्म भी बनाया गया है. सीढ़ी से प्लेटफार्म पर चढ़ कर प्रतिमा पर माल्यापर्ण किया गया.
(फोटो : @HemantSorenJMM)
पहली पुण्यतिथि पर हजारों लोगों ने नम आंखों से गुरुजी को दी श्रद्धांजलि
झारखंड आंदोलन के प्रणेता और दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पहली पुण्यतिथि पर उनके पैतृक गांव नेमरा में श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा. श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि शिबू सोरेन केवल एक राजनीतिक नेता नहीं थे, बल्कि झारखंड की अस्मिता, जल-जंगल-जमीन और आदिवासी-मूलवासी अधिकारों की लड़ाई के सबसे मजबूत प्रतीक थे.
