CPM नेता सुभाष मुंडा को ऑफिस में घुसकर गोलियों से छलनी किया, विरोध में तोड़फोड़, आगजनी, पुलिस पर भी हुआ हमला

रांची में एक सीपीएम नेता की गोली मारकर हत्या कर दी गयी है. उनका नाम सुभाष मुंडा बताया गया है. सुभाष मुंडा की हत्या की खबर सुनने के बाद आसपास के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. उन्होंने जमकर तोड़फोड़ शुरू कर दी.

झारखंड की राजधानी रांची में बुधवार की रात को एक वामपंथी नेता की गोली मारकर हत्या कर दी गयी. हत्या के बाद से इलाके में तनाव का माहौल है. लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. देखते ही देखते लोगों ने दुकानों में तोड़फोड़ शुरू कर दी. कई गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की गयी है. मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के इस नेता का नाम सुभाष मुंडा है. हत्या के बाद भड़के लोगों को शांत करने के लिए एसएसपी, सिटी एसपी, ग्रामीण एसपी और हटिया के डीएसपी खुद दलादली पहुंच गये हैं. पांच थाने की पुलिस से फोर्स को वहां भेजा गया. भीड़ किसी की सुनने को तैयार नहीं है. सिटी एसपी को भी लोगों ने दौड़ा दिया, ऐसी खबर है.

नगड़ी थाना क्षेत्र के दलादली के पास मारी गयी गोली

बताया गया है कि रात को किसी ने माकपा नेता को सुभाष मुंडा को गोली मार दी, जिससे उनकी मौत हो गयी. घटना नगड़ी थाना क्षेत्र के दलालदली के पास की है. जैसे ही सुभाष मुंडा की हत्या की खबर मिली, स्थानीय लोग वहां जुट गये और तोड़फोड़ शुरू कर दी. दुकानों के साथ-साथ कई वाहनों में भी तोड़फोड़ किये जाने की खबर है.

सुभाष मुंडा के ऑफिस में घुसकर मारी गोली

बताया जा रहा है कि सुभाष मुंडा के कार्यालय में घुसकर बदमाशों ने उन पर गोली चलायी. सात राउंड फायरिंग की सूचना है. गंभीर हालत में माकपा नेता को रांची स्थित राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) ले जाया गया. अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

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एसएसपी से थाना प्रभारी तक दलादली पहुंचे

लोगों के गुस्से को देखते हुए स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पांच थाना से अतिरिक्त पुलिस बल को दलादली चौक भेजा गया. स्थित तनावपूर्ण बनी हुई है. रांची के सभी वरीय पुलिस पदाधिकारी दलादली पहुंच गये हैं. इनमें एसएसपी, हटिया के डीएसपी, ग्रामीण एसपी और एसपी सिटी शामिल हैं. सिटी एसपी की गाड़ी में भी तोड़फोड़ की सूचना है. बताया जा रहा है कि गुस्सायी भीड़ ने सिटी एसपी को भी दौड़ा दिया.

भीड़ ने शराब दुकान में लगा दी आग

स्थानीय सूत्र बता रहे हैं कि शराब की एक दुकान में भीड़ ने आग लगा दी है. पुलिस के वाहन में तोड़फोड़ की भी सूचना आ रही है. यह भी बताया जा रहा है कि भीड़ ने पुलिस पर भी हमला किया है. हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हो पायी है. लोगों ने सड़क को पूरी तरह से जाम कर दिया है. बता दें कि सुभाष मुंडा आदिवासी नेता थे. सीपीआई (एम) के राज्य कमेटी के सदस्य थे. माकपा के टिकट पर वर्ष 2019 में झारखंड विधानसभा का चुनाव लड़ा था. हटिया विधानसभा क्षेत्र में उन्हें करीब 14000 वोट मिले थे.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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